Sunday, 20 March 2016

भारत ने पाकिस्तान को दी मात, कोलकाता में रचा इतिहास

भारत ने पाकिस्तान को दी मात, कोलकाता में रचा इतिहास

कोलकाता के ऐतिहासिक इडेन गार्डेन पर भारत ने पाकिस्तान को शिकस्त देकर वर्ल्डकप में पाकिस्तान पर अनबिटेन रिकॉर्ड बरक़रार रखा। साथ ही कोलकाता में पहली बार लिमिटेड ओवर्स में पाकिस्तान को हराकर इतिहास रच दिया।

बारिश से बाधित मैच में टॉस बेहद महत्वपूर्ण था, मुक़ाबला 18-18 ओवर का हो चुका था। शुक्रवार शाम से लगातार पिच पर कवर था ऐसे में पिच का मिज़ाज कैसा रहेगा। पढ़ पाना मुश्किल था, लिहाज़ा टॉज जीतकर पहले गेंदबाज़ी करना ही सही था, और क़िस्मत ने भी धोनी का साथ दिया, और पहले गेंदबाज़ी का फ़ैसला किया। पाकिस्तान इस मैच में 4 तेज़ गेंदबाज़ों के साथ उतर कर सभी को चौंका गया। वह भी तब जब न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ 9 भारतीय बल्लेबाज़ स्पिन गेंदबाज़ी का शिकार हुए थे।

पाकिस्तानी सलामी बल्लेबाज़ शरजील ख़ान और अहमद शहज़ाद ने तेज़ तो नहीं लेकिन सधी हुई शुरुआत ज़रूर दिलाई। पिच पर शुरु से ही टर्न मिल रहा था, नई गेंद से गेंदबाज़ी कर रहे आर अश्विन ने पाकिस्तानी बल्लेबाज़ों को ख़ूब छकाया।

लेकिन पाकिस्तानी बल्लेबाज़ संभल संभल कर खेलते हुए आठवें ओवर तक बिना किसी नुक़सान के 38 रन पहुंचा दिया था। न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ गेंदबाज़ी में सफल रहे सुरेश रैना पर एक बार फिर धोनी ने दांव खेला और रैना ने पहले ही ओवर में शरजील को पैवेलियन का रास्ता दिखाकर भारत को पहली क़ामयाबी दिला दी। लॉंग ऑन पर खड़े हार्दिक पांड्या ने शरजील का बेहतरीन कैच लपका।

बांग्लादेश के ख़िलाफ़ धमाकेदार पारी खेलने वाले कप्तान शाहिद आफ़रीदी इस बार भी काफ़ी कॉन्फ़िडेंट थे यही वजह थी कि ख़ुद नंबर-3 पर बल्लेबाज़ी करने उतर आए। लेकिन शायद वह भूल गए थे कि इस बार सामने बांग्लादेश नहीं भारतीय टीम है।

जडेजा की स्पिन और बुमराह की तेज़ गेंदो का कोई जवाब आफ़रीदी के पास नहीं था, तो दूसरी तरफ़ पिछले मैच में शानदार अर्धशतक लगाने वाले अहमद शहज़ाद भी भारतीय गेंदबाज़ों के सामने असहज दिख रहे थे।

28 गेंदो का सामना कर शहज़ाद ने महज़ 25 रन बनाए, और बुमराह की गेंद पर डीप प्वाइंट पर लपके गए। अब बारी थी आफ़रीदी की, पिछले मैच में 19 गेंदो पर बूम बूम पारी खेल कर 49 रन बनाने वाले आफ़रीदी ने इस मैच में 14 गेंदो का सामना तो किया लेकिन बल्ले से आए महज़ 8 रन। आफ़रीदी को पांड्या ने अपना शिकार बनाया।

18 ओवर के इस मुक़ाबले में 12 ओवर ख़त्म हो चुके थे और पाकिस्तान ने 60 रन ही बनाए थे। लेकिन यहां से पांचवें विकेट के लिए अनुभवी शोएब मलिक और उमर अकमल ने पाकिस्तान को मैच में वापस लाने की भरपूर कोशिश करते हुए 41 रनों की साझेदारी निभाई।

मलिक ने 16 गेंदो पर 26 और अकमल ने 16 गेंदो पर 22 रन बनाए। इन दोनों की ही बल्लेबाज़ी की बदौलत पाकिस्तान ने 18 ओवर में 118 रन बनाकर गेंदबाज़ों के लिए कुछ उम्मीद छोड़ी थी।

स्पिन लेती इस पिच पर अश्विन ने 3 ओवर में 12 रन दिए, जबकि महज़ 1 ओवर करने वाले रैना ने 4 देकर 1 विकेट झटका। बुमराह, नेहरा और पांड्या को भी एक-एक क़ामयाबी हासिल हुई। धोनी ने अश्विन से 4 ओवर की जगह ओवर ही कराए और रैना को दोबारा गेंदबाज़ी पर भी नहीं लगाया। साथ ही स्पिन की मददगार पिच पर युवराज सिंह को भी गेंदबाज़ी न देने का फ़ैसला हैरान ज़रूर कर गया।

119 का लक्ष्य कोई ख़ास तो नहीं था, लेकिन पिछले मुक़ाबले में 127 रनों का पीछा करते हुए टीम इंडिया जिस तरह 79 रनों पर सिमट गई थी। उसके बाद दबाव भी था और डर भी। भारत की शुरुआत एक बार फिर ख़राब रही। रोहित शर्मा और शिखर धवन की सलामी जोड़ी फ़्लॉप रही। और रैना बिना खाता खोले पैवेलियन लौट गए थे।

मुहम्मद आमिर और मुहम्मद समी की तेज़ गेंदबाज़ी के सामने भारतीय टीम 5 ओवर में 23 रन पर 3 विकेट खो चुकी थी। रोहित 10, धवन 6 और रैना बिना खाता खोले आउट हो गए थे। क्रीज़ पर विराट कोहली और युवराज सिंह पर ज़िम्मेदारी थी।

ये वही जोड़ी थी जिसने एशिया कप में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ इसी हालात से भारत को संकट से निकालते हुए जीत दिलाई थी। कोलकाता में भी टीम इंडिया को वर्ल्डकप में ज़िंदा रखने और मैच जिताने का बीड़ा इसी जोड़ी पर था।

इडेन गार्डेन पर बैठे हज़ारों दर्शकों के साथ साथ अरबों क्रिकेट फ़ैंस बस दुआ कर रहे थे कि ये जोड़ी टिकी रहे। दुआएं रंग लाती हुईं नज़र आ रहीं थीं, दोनों ने पाकिस्तानी गेंदबाज़ों का डटकर सामना किया और खुलकर खेलते नज़र आए।

कोहली का क्लास और युवराज का अंदाज़ धीरे धीरे भारत को मैच में वापिस ला रहा था। दोनों ने 44 गेंदो पर 61 रनों की बेहद महत्वपूर्ण साझेदारी की और भारत को जीत के क़रीब ले आए थे। हालांकि छक्का लगाने की कोशिश में युवराज वहाब रियाज़ की गेंद पर बाउंड्री लाइन पर लपके गए। युवराज ने 23 गेंदो पर 1 चौके और 1 छक्के के साथ 24 रन बनाए।

दूसरे छोर से कोहली कमाल की बल्लेबाज़ी कर रहे थे, कोहली का साथ देने अब मैदान पर थे कप्तान और भारतीय टीम के बेस्ट फ़िनिशर महेंद्र सिंह धोनी। कोहली लगातार ख़ूबसूरत शॉट्स लगाते जा रहे थे और भारत को एक और ख़ूबसूरत जीत की तरफ़ ले जा रहे थे।

कोहली ने 34 गेंदो पर अपना 14वां टी-20 अंतर्राष्ट्रीय अर्धशतक लगाया, जो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड भी है। कोहली अब टी-20 के इतिहास में सबसे ज़्यादा अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज़ बन गए हैं। कोहली ने वेस्टइंडीज़ के क्रिस गेल और न्यूज़ीलैंड के ब्रेंडन मैकुलम के 13 अर्धशतक के रिकॉर्ड को तोड़ डाला।

टी-20 में कोहली अब चेज़ करते हुए 655 रन बना चुके हैं और इस दौरान कोहली की औसत 100 से भी ज़्यादा है। कोहली के इस कारनामे ने टीम इंडिया को 6 विकेट से जीत दिला दी, भारत की उम्मीदें अब वर्ल्ड टी-20 में ज़िदा हैं। कोहली को 'मैन ऑफ द मैच' से नवाज़ा गया।

इस जीत के साथ ही भारत ने वर्ल्डकप इतिहास में पाकिस्तान पर 11 मैचों में 11 जीत हासिल कर ली है, जबकि कोलकाता में पहली बार लिमिटेड ओवर्स में शिकस्त देकर भारत ने इतिहास रच दिया। इससे पहले 4 बार कोलकाता में वनडे मैचों में भारत को हार का सामना करना पड़ा था।

भारत का अगला मुक़ाबला बांग्लादेश के ख़िलाफ़ 23 नवंबर को बैंगलोर में खेला जाएगा, जबकि पाकिस्तान मोहाली में 22 नवंबर को न्यूज़ीलैंड से भिड़ेगा।

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