जर्मन बेकरी ब्लास्ट: हाईकोर्ट ने फांसी की सजा को उम्रकैद में बदला
मुंबई। जर्मन बेकरी ब्लास्ट मामले में बंबई हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए आरोपी मिरजा बेग की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया है। इस मामले में आरोपी मिरजा हिमायत बेग को निचली अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी जिसके खिलाफ उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
इससे पहले करीब चार महीने से इस मामले के सभी पहलूओं पर सुनवाई करने के बाद जस्टिस एन एच पाटिल और जस्टिस एस बी शूकरे की खंडपीठ ने दिसंबर 2015 को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
आपको बता दें कि इस मामले के दो मुख्य गवाहों ने कोर्ट को दिए लिखित बयान में कहा था कि सुनवाई के दौरान उनपर बेग के खिलाफ बयान देने के लिए मजबूर किया गया था।
इसके अलावा आम आदमी पार्टी के नेता आशीष खेतान ने भी एक याचिका दायर कर दावा किया था का कि उन्होंने इस मामले में एक स्टिंग ऑपरेशन किया था जिससे साफ होता है कि महाराष्ट्र एटीएस ने दोनो गवाहों को बेग के खिलाफ गवाही देने के लिए मजबूर किया था।
बचाव पक्ष का दावा है कि ब्लास्ट के दौरान बेकरी के भीतर कोई भी सीसीटीवी कैमरा मौजूद नहीं था। आपको बता दें कि बेग को जर्मन बेकरी ब्लास्ट की साजिश रचने के आरोप में 13 फरवरी 2010 को मौत की सजा सुनाई थी। इस घटना में 17 लोगों की मौत हुई थी वहीं सैंकडो लोग घायल हुए थे।
No comments:
Post a Comment