Thursday, 17 March 2016

उत्तर कोरिया से चीन ने फिर दिखाई हमदर्दी

उत्तर कोरिया से चीन ने फिर दिखाई हमदर्दी

वाशिंगटन: उत्तर कोरिया को लेकर चीन का दोहरा रवैया फिर से सामने आ गया है। प्योंगयांग से हमदर्दी दिखाते हुए उसने अमेरिका के नए प्रतिबंधों पर आपत्ति जताई है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने गुरुवार को कहा कि उनका देश एकतरफा प्रतिबंधों के विरोध में है।

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की ओर से उत्तर कोरिया पर नए प्रतिबंध लागू करने का आदेश जारी किए जाने के बाद चीन का यह रुख सामने आया है। 6 जनवरी को परमाणु परीक्षण और सात फरवरी को किए गए बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण के कारण ये प्रतिबंध लगाए गए हैं। इन्हें संयुक्त राष्ट्र का समर्थन भी हासिल है।

जानकारों और राजनयिकों ने बताया संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों में खामियों का फायदा उठाकर चीन अब भी उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा मददगार बना हुआ है और पहले की तरह ही उसके व्यापारिक रिश्ते कायम हैं। दक्षिण कोरिया की सरकारी व्यापार-निवेश संवर्धन एजेंसी के अनुसार उत्तर कोरिया के वैश्रि्वक कारोबार में 90 फीसद हिस्सेदारी चीन की है।

20 जहाज भी प्रतिबंधित

नए आदेश के तहत उत्तर कोरियाई सरकार और सत्ताधारी वर्कर्स पार्टी से लेन-देन पर अमेरिका ने रोक लगाई है। 17 सरकारी अधिकारी, संगठन और 20 जहाज भी प्रतिबंध के दायरे में लाए गए हैं। साथ ही उत्तर कोरिया के ऊर्जा, खनन, वित्तीय सेवाओं और परिवहन क्षेत्र को भी इसकेदायरे में लाया गया है। निवेश, निर्यात आदि पर भी रोक लगाई गई है।

छात्र की रिहाई की मांग

प्रतिबंधों की घोषणा से एक दिन पहले ही उत्तर कोरिया ने एक 21 वर्षीय अमेरिकी छात्र को जासूसी के आरोप में 15 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जोश अर्नेस्ट ने छात्र की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए कहा है कि उत्तर कोरिया अमेरिकी नागरिकों का प्यादे की तरह इस्तेमाल कर रहा है।

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