मालामाल माल्या को झुकना ही पड़ा, अप्रैल में लौटेंगे हिन्दुस्तान
नई दिल्ली। अरबपति विजय माल्या आखिरकार झुकने को तैयार हो गए हैं। आईडीबीआई लोन बकाया केस को लेकर विजय माल्या ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश होने के लिए अप्रैल तक का वक्त मांगा है। विजय माल्या कोआईडीबीआई समेत कई बैंकों ने डिफाल्टर घोषित कर दिया था, जिसके बाद वह हिन्दुस्तान छोड़कर लंदन चले गए थे। यह पहला मौका है जब माल्या सरकारी एजेंसी के सामने झुके हैं।
उधर, मुंबई से माल्या के लिए बुरी खबर है। मुंबई के विले पार्ले में बना विजय माल्या का किंगफिशर हाउस खरीदने के लिए कोई आगे नहीं आया। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने माल्या के 9000 करोड़ रुपए के उधारी के बदले किंगफिशर हाउस की नीलामी का फैसला लिया था। लेकिन आज नीलामी के दिन किसी भी खरीदार ने 17000 स्क्वायर फीट में बने किंगफिशर हाउस को खरीदने में रुझान नहीं दिखाया।
ईडी ने अरबपति विजय माल्या के खिलाफ मनी लॉन्डरिंग का केस दर्ज किया था। ईडी ने माल्या का वित्तीय लेखा-जोखा की जांच शुरू कर दी है। हाल में अरुण जेटली ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कहा था, ‘सब कुछ साफ है। विजय माल्या ने बैंकों से कर्ज लिया है। माल्या से कर्ज का एक-एक पैसा वसूला जाएगा। सरकारी एजेंसी उनके खिलाफ कार्रवाई भी करेगी।’ हालांकि अरुण जेटली ने विजय माल्या को भगोड़ा मानने पर कोई टिप्पणी नहीं की।
ईडी ने अरबपति विजय माल्या को 18 मार्च को नोटिस भेजा था। इसके जवाब में विजय माल्या ने अप्रैल तक का वक्त मांगा है। विजय माल्या बैंक डिफाल्टर घोषित होने के बाद दो मार्च को देश छोड़कर लंदन चले गए थे। इसके बाद ही बैंकों ने उनकी संपत्ति नीलाम करने का मन बना लिया था। गुरुवार को मुंबई के विले पार्ले में बने किंगफिशर हाउस की नीलामी होनी थी। 150 करोड़ रुपए बेस प्राइज रखा गया था। लेकिन किसी भी खरीदार ने इस बिल्डिंग को खरीदने का मन नहीं बनाया।
No comments:
Post a Comment