WCF: जुर्माना नहीं पुनरुद्धार के लिए देंगे पैसा: श्री श्री रविशंकर
नई दिल्ली। आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने शनिवार को कहा कि वह जुर्माना या आर्थिक दंड नहीं भरेंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि वह विश्व सांस्कृतिक महोत्सव स्थल के विकास और पुनरुद्धार में तहेदिल से समर्थन करेंगे।
उल्लेखनीय है कि एनजीटी ने बुधवार को आर्ट ऑफ लिविंग को पर्यावरण नुकसान के हर्जाने के तौर पर पांच करोड़ रुपये देने के बाद यमुना किनारे महोत्सव की अनुमति दी थी। दूसरे दिन शनिवार को कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री श्री ने कहा कि एनजीटी ने उन्हें पुनरुद्धार के लिए पैसे देने को कहा, न कि जुर्माने के तौर पर। उन्होंने कहा, "अब तक मैंने बेदाग जिंदगी जी है। मैं कभी स्कूल में लेट नहीं पहुंचा।
मैंने कभी एक पैसा भी जुर्माना नहीं दिया है। इसलिए हम कहते हैं कि हम कोई जुर्माना नहीं देंगे। लेकिन तब मुझे बताया गया कि यह जुर्माना नहीं है। समाचारपत्रों में इसकी गलत जानकारी दी गई।" श्री श्री ने कहा, "उन्होंने कहा कि यह यहां के विकास के लिए है। तब हमने कहा कि यदि यह विकास और पुनरुद्धार के लिए है तब हम तहेदिल से इसका समर्थन करेंगे और इसके लिए सब कुछ करेंगे।"
मंच से हवा में घुली 100 किलो हल्दी
भारतीय संस्कृति का अद्वितीय मंच। हजारों कलाकारों की प्रस्तुति और हवा में घुली करीब एक क्विंटल हल्दी। साथ में फहराता भगवा पताका। ढोल की थाप पर धनगरी नृत्य और शिव वंदना। कुछ ऐसा माहौल जैसे किसी देवालय में आ गए हैं। रोम-रोम शिव कहने लगे।
महाराष्ट्र के कोल्हापुर के एक हजार आठ कलाकारों की वेशभूषा भी निराली थी। हवा के साथ चेहरे पर लिपटी हल्दी। बादल भी जैसे वंदन करने लगे हो। कलाकार बाकु दादू ढोबरे ने बताया कि धनगरी ढोल नृत्य प्रस्तुति असल में शिव की वंदना है।
हल्दी का इसमें विशेष महत्व है। इसलिए विश्व संस्कृति महोत्सव के लिए विशेष तौर पर एक क्विंटल पीसी हल्दी लाई गई थी, जिसे नृत्य व वादन प्रस्तुति के दौरान चेहरे पर लगाते हुए कलाकार हवा में उछाल देते हैं। हजारों किमी का सफर कर कोल्हापुर से आए लोक कलाकारों का चेहरा हल्दी से दमक रहा था।
ढोल की गगनभेदी गूंज जैसे अभी भी कानों में हो। मंच पर बिखरी छत्तीसगढ़ की छटा मंच से छत्तीसगढ़ के भिलाई के कलाकारों ने पंथी नृत्य की प्रस्तुति दी। इस प्रस्तुति में 1150 कलाकार शामिल हुए। आदिवासी कलाकारों की प्रस्तुति दर्शकों का मन मोहने वाली थी।
बारिश ने किया परेशान
शुक्रवार की बारिश और शनिवार शाम के बदले मौसम ने आयोजन में शामिल होने आए लोगों के सामने मुश्किलें खड़ी कीं। देर शाम आंधी से कुछ स्टॉलों के टेंट उड़ गए। फिर भी मौसम ठीक रहा।
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