एएमयू के वीसी की पीएम मोदी व देश को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी
लखनऊ। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के कुलपति जमीर उद्दीन शाह ने एक नए विवाद को जन्म दे दिया। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एएमयू के अल्पसंख्यक दर्जे में दखलंदाजी की तो मुसलमानों को बड़ा सदमा पहुंचेगा। इससे प्रधानमंत्री व देश को नुकसान होगा।
एएमयू के स्टॉफ क्लब में सोमवार को सर सैयद अवेयरनेस फोरम व सर सैयद सोसायटी की ओर से 'धार्मिक सहिष्णुता व भारत की साझा संस्कृति' पर आयोजित सेमिनार में मुख्य अतिथि जमीर उद्दीन शाह ने कहा कि अल्पसंख्यक दर्जे को लेकर पीएम मोदी से मुलाकात कर गुजारिश भी की गई कि एएमयू का माइनोरिटी करेक्टर है, आप इसमें दखल न दें। इससे मुसलमानों का भावनात्मक जुड़ाव है। दखल दिया तो मुसलमानों को बड़ा सदमा पहुंचेगा, नुकसान आपको (पीएम को) भी होगा। संचालन करते हुए सर सैयद अवेयरनेस फोरम के अध्यक्ष प्रो. शकील समदानी ने कहा कि भारत का इतिहास गवाह है कि भारत हमेशा से सहिष्णु रहा है। धर्मशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. सऊद आलम कासमी ने कहा कि इस्लाम धर्म इंसान को पैदाइशी तौर पर मोहतरम (आदर योग्य) मानता है।
बयान पर मीडिया ने जब कुलपति से बात की तो उनका कहना था कि प्रधानमंत्री को बताया गया था कि एएमयू के केंद्रों को अलग मदद चाहिए। मुसलमान भावनात्मक रूप से एएमयू से जुड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री 'सबका साथ, सबका विकास' नारा देते हैं। मुसलमान इस नारे से नहीं जुड़ेंगे तो इसका नुकसान देश को उठाना पड़ेगा। प्रधानमंत्री को अल्पसंख्यक दर्जे पर एएमयू का समर्थन करना चाहिए, ऐसी हमें उम्मीद है।
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