Monday, 28 March 2016

भारत का तीसरा विकेट गिरा, रैना आउट IND 57/3 (8.3/20 ov)

भारत का तीसरा विकेट गिरा, रैना आउट IND 57/3 (8.3/20 ov)

मोहाली : ऑस्‍ट्रेलिया के स्‍कोर का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को तीसरा झटका लगा है. सुरेश रैना 10 रन बनाकर वॉट्सन को अपना विकेट दे दिया. इससे पहले रोहित शर्मा 12 रन बनाकर वॉट्सन की गेंद पर बोल्‍ड हुए. इससे पहले शिखर धवन के रूप में भारत को पहला झटका लगा. धवन ने एक छक्के और एक चौके की मदद से 13 रन बनाये और नाथन कूल्टर नाइल के शिकार हुए.

 भारतीय गेंदबाजों ने अच्छी वापसी करके आईसीसी विश्व टी20 के करो या मरो वाले मैच में ऑस्ट्रेलिया को आज यहां विस्फोटक शुरुआत का अधिक फायदा नहीं उठाने दिया और उसे छह विकेट पर 160 रन ही बनाने दिये. ऑस्ट्रेलिया का स्कोर पहले चार ओवर के बाद 53 रन था और तब लग रहा था कि वह 200 रन के पार पहुंच जाएगा लेकिन अगले दस ओवर में वह केवल 51 रन बना पाया और इस बीच उसने चार विकेट गंवाये.

आरोन फिंच ने उसकी तरफ से सर्वाधिक 43 रन बनाये. उनके अलावा ग्लेन मैक्सवेल (28 गेंदों पर 31) और उस्मान ख्वाजा (16 गेंदों पर 26 रन) ने भी उपयोगी योगदान दिया. भारतीय गेंदबाजों में हार्दिक पंड्या सबसे सफल रहे. उन्होंने चार ओवर में 36 रन देकर दो विकेट लिये. आशीष नेहरा (20 रन देकर एक विकेट), युवराज सिंह (19 रन देकर एक विकेट) और रविंद्र जडेजा ने कसी हुई हुई गेंदबाजी करके ऑस्ट्रेलियाई रन गति पर अंकुश लगाने में अहम भूमिका निभायी. 

ऑस्ट्रेलिया ने टास जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए तूफानी शुरुआत की. ख्वाजा ने नेहरा के पहली गेंद पर चौका लगाने के बाद उनकी अगली पांच गेंदों को पूरा सम्मान दिया लेकिन जसप्रीत बुमराह पर चार चौके जड़कर उन्हें आक्रमण से हटवा दिया. बुमराह की जगह गेंद संभालने वाले भरोसेमंद स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के पहले ओवर में 22 रन बने जिसमें फिंच के लांग आन पर लगाये गये दो छक्के हैं. इससे अश्विन की लय बिगड गयी और उन्होंने लगातार दो गेंद वाइड की जिसमें एक चार रन के लिये गयी. 

नेहरा ने भारत को फिर से पावरप्ले में सफलता दिलायी. उनकी गुड़लेंथ गेंद ख्वाजा के बल्ले के निचले हिस्से से लगी और विकेटकीपर धौनी ने अपने बायीं तरफ उसे कैच कर दिया. इससे रन गति पर अंकुश लगा. तीन ओवर तक गेंद सीमा रेखा पर नहीं पहुंची और अगले ओवर में अश्विन की स्पिन लेती गेंद पर डेविड वार्नर (छह) गच्चा खाकर स्टंप आउट हो गये. 

युवराज अपने घरेलू मैदान पर टूर्नामेंट में पहली बार गेंदबाजी के लिये आये. उनकी पहली गेंद में थोडा उछाल था जो स्टीवन स्मिथ (दो) के बल्ले को चूमकर धोनी के दस्तानों में पहुंची. अंपायर मारियास इरासमुस ने उंगली उठा दी लेकिन ऑस्ट्रेलियाई कप्तान उनके फैसले से खुश नहीं थे और रीप्ले से भी साफ नहीं लग रहा था कि गेंद और बल्ले का संपर्क हुआ या नहीं. 

ऑस्ट्रेलिया ने अपना दूसरा पचासा पूरा करने में 9.1 ओवर लिये. गेंद नीची रह रही थी और शाट लगाना मुश्किल था. फिंच ने एक छोर संभाले रखा था लेकिन पंड्या की गेंद पर वह सही टाइमिंग से शाट नहीं लगा पाये और डीप मिडविकेट पर खड़े शिखर धवन को कैच करने में कोई परेशानी नहीं हुई. फिंच ने अपनी 34 गेंद की पारी में दो छक्कों के अलावा तीन चौके भी लगाये. 

मैक्सवेल ने रविंद्र जडेजा पर स्विच हिट से छक्का लगाया लेकिन बमराह ने उनका आफ स्टंप उखाड़कर भारतीयों को डेथ ओवर में बड़ी राहत दी. पंड्या के आखिरी ओवर में 15 रन बने. वह जेम्स फाकनर (दस) को आउट करने में सफल रहे लेकिन शेन वाटसन (नाबाद 18) और पीटर नेविल (नाबाद 10) टीम का स्कोर 150 रन के पार ले गये. नेविल ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाया.

टीमें : 

भारत : महेंद्र सिंह धौनी ( कप्तान ), विराट कोहली, सुरेश रैना, रोहित शर्मा, युवराज सिंह, रविचंद्रन अश्विन, जसप्रीत बुमरा, शिखर धवन, रविंद्र जडेजा, आशीष नेहरा और हार्दिक पंड्या.

आस्ट्रेलिया : स्टीवन स्मिथ ( कप्तान ), आरोन फिंच, उस्मान ख्वाजा, डेविड वार्नर, ग्लेन मैक्सवेल, शेन वाटसन,  जेम्स फाकनेर, पीटर नेविल, एडम जाम्पा, नाथन कूल्टर नाइल और जोश हेजलवुड.

इंग्लैंड ने पाकिस्तान को हराया

इंग्लैंड ने पाकिस्तान को हराया

चेन्नई में खेले गए महिला वर्ल्ड टी20 के एक मुकाबले में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 68 रनों से बुरी तरह हरा दिया। इस जीत की बदौलत इंग्लैंड अपने ग्रुप में टॉप पर रही और सेमीफाइनल में अब उनका सामना ऑस्ट्रेलिया से होगा। इंग्लैंड की तरफ से कप्तान शार्लेट एडवर्ड्स ने 77 रनों की शानदार पारी खेली और उन्हें प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया।

टॉस जीतकर इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया और उनकी शुरुआत काफी अच्छी रही। पहले विकेट के लिए एडवर्ड्स ने ब्यूमोंट के साथ 68 रन जोड़े। हालाँकि सारा टेलर आज फ्लॉप रही और बिना कोई रन बनाए आउट हो गई। इसके बाद के बल्लेबाजों के उपयोगी योगदान के साथ कप्तानी पारी खेलकर एडवर्ड्स ने टीम को 148/5 के स्कोर तक पहुँचाया। पाकिस्तान की तरफ से अस्माविया इक़बाल ने 2 और निदा दार ने 3 विकेट लिए।

लक्ष्य के जवाब में पाकिस्तान कभी मैच में बराबरी पर नही दिखीं। 35 के स्कोर तक पाकिस्तान के आधे बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे और इंग्लैंड मैच को एकतरफा जीतने की तरफ बढ़ रही थी। निदा दार ने सबसे ज्यादा 16 रन बनाए और पाकिस्तान की पूरी टीम 80 रन बनाकर आउट हो गई। इंग्लैंड की तरफ से लौरा मार्श ने 3, आन्या श्रबशोल, नताली सीवर और जॉर्जिया एल्विस ने 2-2 विकेट लिए।

पाकिस्तान की टीम के लिए इस टूर्नामेंट में एक ही उपलब्धि रही कि उन्होंने भारत को लीग स्टेज में हराया।

स्कोरकार्ड:

इंग्लैंड: 148/5 (एडवर्ड्स 77*, दार 3/21)

पाकिस्तान: 80 (दार 16, मार्श 3/16)

आत्मघाती धमाके से दहला लाहौर, कम से कम 69 की मौत 100 घायल Mon, 28 Mar 2016 05:11 AM (IST)  लाहौर। रविवार का दिन लाहौर के लोगों के लिए कहर बनकर टूटा। वहां पर इकबार शहर में गुलशन-ए-इकबाल पार्क में एक जोरदार धमाका सुनाई दिया। इस धमाके में कम से कम 69 लोगों के मरने की खबर है जबकि 100 लोग घायल बताए जा रहे हैं। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, इस बम धमाके के बारे में अभी तक ज्यादा पुख्ता खबर नहीं मिल पाई है। वहां पर मौजूद लोगों का कहना है कि धमाके के बाद चारों तरफ खून ही खून फैला था। धमाका इतना जोरदार था कि वहां मौजूद आसपास के लोगों के लोगों के शरीर के चिथड़े तक उड़ गए। इकबाल टाउन के एसपी डॉ. मुहम्मद इकबाल का कहना है कि धमाका एक आत्मघाती हमला था जो चिल्ड्रेन पार्क में हुआ। यहां पर काफी तादाद में लोग अपने परिवार के साथ आते थे। खासकर महिलाएं रविवार को अपने बच्चों के साथ शाम को इस पार्क में आती थी। ये भी पढ़ें- पाकिस्तान में हुए बम धमाके में अमेरिकी विभाग के दो कर्मचारियों की मौत गौरतलब है कि जिस जगह पर ये धमाका हुआ रविवार का दिन होने की वजह से वहां पर काफी तादाद में महिलाएं और बच्चे मौजूद थे। जिस जगह पर ये धमाका हुआ है ये प्रसिद्ध आवासीय क्षेत्र माना जाता है। बम धमाके के फौरन बाद वारदातस्थल पर बचाव दल और पुलिसकर्मी पहुंच चुके हैं और राहत बचाव के काम में जुट गए हैं। ये भी पढ़ें- स्तांबुल में हुए आत्मघाती हमला में 4 लोगों की मौत, 20 घायल बचाव दल के प्रवक्ता के मुताबिक, शाम 6 बजकर 44 मिनट पर एक इमरजेंसी कॉल आई थी जिसके फौरन बाद घटनास्थल पर 23 एम्बुलेंस पहुंच चुका है। लाहौर में हुए इस बम धमाके बाद शहर के सभी अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही, काफी तादा में सुरक्षाकर्मियों ने पूरे इलाके में अपने घेरे में ले लिया है। पीएम मोदी ने धमाकी की निंदा उधर, लाहौर के चिल्ड्रेन पार्क में हुए इस धमाके की भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ी निंदी की है। मोदी ने कहा कि मेरी संवेदना उन लोगों के साथ है जिन्होंने इस हमले में अपनों को खोया या उनके परिजन इस हमले में घायल हुए हैं।

आत्मघाती धमाके से दहला लाहौर, कम से कम 69 की मौत 100 घायल

लाहौर। रविवार का दिन लाहौर के लोगों के लिए कहर बनकर टूटा। वहां पर इकबार शहर में गुलशन-ए-इकबाल पार्क में एक जोरदार धमाका सुनाई दिया। इस धमाके में कम से कम 69 लोगों के मरने की खबर है जबकि 100 लोग घायल बताए जा रहे हैं। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, इस बम धमाके के बारे में अभी तक ज्यादा पुख्ता खबर नहीं मिल पाई है।

वहां पर मौजूद लोगों का कहना है कि धमाके के बाद चारों तरफ खून ही खून फैला था। धमाका इतना जोरदार था कि वहां मौजूद आसपास के लोगों के लोगों के शरीर के चिथड़े तक उड़ गए। इकबाल टाउन के एसपी डॉ. मुहम्मद इकबाल का कहना है कि धमाका एक आत्मघाती हमला था जो चिल्ड्रेन पार्क में हुआ। यहां पर काफी तादाद में लोग अपने परिवार के साथ आते थे। खासकर महिलाएं रविवार को अपने बच्चों के साथ शाम को इस पार्क में आती थी।

गौरतलब है कि जिस जगह पर ये धमाका हुआ रविवार का दिन होने की वजह से वहां पर काफी तादाद में महिलाएं और बच्चे मौजूद थे। जिस जगह पर ये धमाका हुआ है ये प्रसिद्ध आवासीय क्षेत्र माना जाता है। बम धमाके के फौरन बाद वारदातस्थल पर बचाव दल और पुलिसकर्मी पहुंच चुके हैं और राहत बचाव के काम में जुट गए हैं।

बचाव दल के प्रवक्ता के मुताबिक, शाम 6 बजकर 44 मिनट पर एक इमरजेंसी कॉल आई थी जिसके फौरन बाद घटनास्थल पर 23 एम्बुलेंस पहुंच चुका है। लाहौर में हुए इस बम धमाके बाद शहर के सभी अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही, काफी तादा में सुरक्षाकर्मियों ने पूरे इलाके में अपने घेरे में ले लिया है।

पीएम मोदी ने धमाकी की निंदा उधर, लाहौर के चिल्ड्रेन पार्क में हुए इस धमाके की भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ी निंदी की है।

मोदी ने कहा कि मेरी संवेदना उन लोगों के साथ है जिन्होंने इस हमले में अपनों को खोया या उनके परिजन इस हमले में घायल हुए हैं।

भारतीय कारोबारी को जासूस साबित करने, ISI ने तैयार किया नकली वीजा-पासपोर्ट?– IBN Khabar

भारतीय कारोबारी को जासूस साबित करने, ISI ने तैयार किया नकली वीजा-पासपोर्ट?– IBN Khabar

नई दिल्ली। जिस भारतीय नागरिक को पाकिस्तान ने जासूस बताया है वो मुंबई का रहने वाला है। जानकारी के मुताबिक नेवी से रिटायरमेंट लेने के बाद उसने ईरान में अपना कारोबार शुरू किया था। अब पाकिस्तान उस पर ये आरोप लगा रहा है कि वो आतंकी हमले करने के लिए पाकिस्तान आया था। पाकिस्तान अपने इस झूठ पर ज्यादा दिन टिक नहीं पाएगा। क्योंकि आशंका ये भी है कि जो वीजा और पासपोर्ट पाकिस्तान ने दिखाया है वो भी फर्जी है, मेड इन पाकिस्तान है।

क्या पाकिस्तान में पकड़े गए भारतीय कारोबारी का पासपोर्ट नकली है,  क्या उसके पास से मिला ईरानी वीजा भी नकली है और क्या भारतीय कारोबारी को जासूस साबित करने के लिए ISI ने नकली वीजा-पासपोर्ट तैयार किया? ये सवाल इसलिए अहम है, क्योंकि जासूस इस तरह वीजा-पासपोर्ट के साथ नहीं पकड़े जाते। अगर भारत को बलूचिस्तान में जासूस भेजना ही होता तो फिर उसे कोई भी पहचान दी जा सकती थी, सिवाय भारतीयता के। इसलिए ये आशंका गहरा गई है कि ईरान से अपहरण करके बलूचिस्तान लाने के बाद आईएसआई ने बाकायदा इस भारतीय कारोबारी का भारतीय पासपोर्ट तैयार करवाया। नकली पासपोर्ट बनाने में आईएसआई कितनी माहिर है। ये पूरी दुनिया जानती है। जाहिर है पाकिस्तानी कुछ भी करके बलूचिस्तान में चल रहे आजादी के आंदोलन से भारत को जोड़ना चाहता है।

जिस भारतीय नागरिक को पाकिस्तान ने जासूस बताया है वो मुंबई का रहने वाला है। जानकारी के मुताबिक नेवी से रिटायरमेंट लेने के बाद उसने ईरान में अपना कारोबार शुरू किया था।

दरअसल, बलूचिस्तान पाकिस्तान में शामिल होते हुए भी उसका हिस्सा नहीं है। बलूचिस्तान के लोग पाकिस्तान से छुटकारा चाहते हैं। बलूचिस्तान के लोग पाक से ज्यादा भारत के साथ हैं और इसी की कीमत उन्हें चुकानी पड़ती है। बलूचिस्तान के लोग पाकिस्तान से अलग होने के लिए, अपनी आजादी हासिल करने के लिए आंदोलन कर रहे हैं ।

आपको बता दें बलूचिस्तान पाकिस्तान के पश्चिम का राज्य है जिसकी राजधानी क्वेटा है। बलूचिस्तान के पड़ोस में ईरान और अफगानिस्तान है। 1944 में ही बलूचिस्तान को आजादी देने के लिए माहौल बन रहा था। लेकिन 1947 में इसे जबरन पाकिस्तान में शामिल कर लिया गया। तभी से बलूच लोगों का संघर्ष चल रहा है और उतनी ही ताकत से पाकिस्तानी सेना और सरकार बलूच लोगों को कुचलती रही है। ये अलग बात है कि दुनिया को दिखाने के लिए पाकिस्तानी सेना के मुखिया जनरल राहिल शरीफ बलूचिस्तान की रट लगाते रहते हैं।

जाहिर है, पाकिस्तान को सिर्फ झूठ बोलना आता है। सच्चाई ये है कि आजादी की लड़ाई के दौरान भी बलूचिस्तान के स्थानीय नेता अपना अलग देश चाहते थे। लेकिन जब पाकिस्तान ने फौज और हथियार के दम पर बलूचिस्तान पर कब्जा कर लिया तो वहां विद्रोह भड़क उठा था। वहां की सड़कों पर अब भी ये आंदोलन जिंदा, पूरी ताकत के साथ जिंदा है। कुछ दिन पहले आईबीएन7 ने ही आपको बलूचिस्तान की युवा आंदोलनकारी करीमा बलूच से मिलवाया था। बलूचिस्तान से अपनी जान बचाकर कनाडा पहुंची करीमा बलूच ने खुलासा किया था कि कैसे पाकिस्तान बलूचिस्तान के लोगों को बर्बाद करने पर तुला हुआ है।

करीमा ने कहा था कि बलूचिस्तान में पाकिस्तान जनसंहार कर रहा है। बलूचिस्तान में लोग अचानक गायब हो जाते हैं। लोगों को मारकर फेंक दिया जाता है। बलूचिस्तान के बारे में बोलना मेरा अधिकार, पाक हमें बोलने का अधिकार नहीं देता। बलूचिस्तान में अखबारों को आजादी नहीं। छात्र संगठनों पर बैन लगा हुआ है। बलूचिस्तान में खुद को बलूच कहना मुश्किल, बलूचिस्तान के लोगों की आवाज उठाना जरूरी है।

दरअसल, बलूचिस्तान के लोगों ने कभी खुद को पाकिस्तान का हिस्सा माना ही नहीं। वो कभी पाकिस्तान के साथ नहीं जाना चाहते थे। वहीं पाकिस्तानी फौज और सरकार हमेशा से इनकार करती रही है कि बलूचिस्तान में वो नागरिक आंदोलन को कुचल रही है। पाकिस्तान हमेशा झूठा आरोप लगाता है कि बलूचिस्तान आंदोलन के पीछे भारत का हाथ है और इसी झूठ को सच साबित करने के लिए उसने ये पूरा जासूसी ड्रामा खड़ा किया है।

MP: 22 टीमों ने काटे 3600 बिजली कनेक्शन, बिल जमा करवाने दौड़े लोग

MP: 22 टीमों ने काटे 3600 बिजली कनेक्शन, बिल जमा करवाने दौड़े लोग

कटनी। विद्युत वितरण कपंनी द्वारा शहर में 22 टीमों द्वारा राजस्व वसूली अभियान के तहत बकायादारों के बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही है। टीम द्वारा इस माह अब तक 3600 उपभोक्ताओं के घरों से बिजली कनेक्शन काटे जा चुके हैं। 
त्योहार हुआ फीका विद्युत कंपनी का वसूली अभियान होली पर भी जारी रहा। विभाग की टीम ने त्योहार के दो दिनों में शहर में करीब 310 बिजली कनेक्शन काटे। इससे एक ओर जहां उपभोक्ताओं को त्योहार के ऐन वक्त कनेक्शन कटने से परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं कई उपभोक्ताओं ने तुरंत बिल जमा कराया। 
रोज काट रहे 400 कनेक्शन शहर विद्युत संभाग के कार्यपालन अभियंता अजीत सिंह बघेल ने बताया कि प्रतिदिन शहरी क्षेत्र में 22 टीमों द्वारा विद्युत बकायादारों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। प्रतिदिन औसतन 400 बकायादारों के बिजली कनेक्शन काटे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मार्च माह में अब तक करीब 3600 कनेक्शन विद्युत पोल एवं कट-आउट से काटे गए हैं। 

VAT: 20,000 करोड़ का रेकॉर्ड कलेक्शन

VAT: 20,000 करोड़ का रेकॉर्ड कलेक्शन

वरिष्ठ संवाददाता, नई दिल्ली
दिल्ली सरकार के ट्रेड ऐंड टैक्सेस डिपार्टमेंट ने वैट कलेक्शन में रेकॉर्ड कायम किया है। वैट कमिश्नर एस. एस. यादव ने बताया है कि चालू वित्तीय वर्ष में 25 मार्च तक डिपार्टमेंट ने 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का वैट कलेक्शन किया है। उन्होंने कहा कि अभी एक हफ्ता बाकी है, 31 मार्च तक कलेक्शन में और बढ़ोतरी होगी। उन्होंने दावा किया है कि पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले यह रकम 2,000 करोड़ रुपये ज्यादा है। साथ ही उन्होंने दावा किया है कि वैट कलेक्शन के मामले में पूरे देश में दिल्ली अव्वल है।

यादव ने बताया कि इस साल वैट कलेक्शन में बढ़ोतरी के पीछे कई वजहें हैं। इस साल 52,627 से ज्यादा नए डीलर्स ने रजिस्ट्रेशन कराया। इन्फर्मेशन टेक्नॉलजी का बड़े स्तर पर इस्तेमाल होने की वजह से डिफॉल्टर्स तक पहुंचना आसान हुआ। उन्होंने इसके लिए दिल्ली के लोगों का अहसान जताया है, जिन्होंने वैट कलेक्शन में अपना योगदान दिया। लोगों ने उन डीलर्स के पहचान करवाए, जो रेकॉर्ड्स में हेरफेर कर गलत रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल कर रहे थे।

'बिल बनवाओ, इनाम पाओ' स्कीम से यह संभव हो सका। इस स्कीम की मदद से 50 से भी ज्यादा ऐसे डीलर्स को पकड़ा गया, जो गलत रजिस्ट्रेशन नंबर पर बिजनेस कर रहे थे। अपलोडेड बिल की मदद से रेकॉर्ड में हेरफेर करने के मामले में 100 डीलर्स को पकड़ा गया। वैट कमिश्नर ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में वैट कलेक्शन में दिल्ली में 11% की बढ़ोतरी हुई, जो पिछले साल के मुकाबले 2% ज्यादा है।

हरियाणाः गरीबों को पैसे बांटने वाला दुष्कर्म का आरोपी 19 साल बाद गिरफ्तार

हरियाणाः गरीबों को पैसे बांटने वाला दुष्कर्म का आरोपी 19 साल बाद गिरफ्तार

फरीदाबाद। कभी पुलिस के कड़े सुरक्षा घेरे में चलने वाले अजय पंडित को अब पुलिस ने दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार किया है। हरियाणा के सिरसा निवासी अजय पंडित को कुछ महीने पहले करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोप में करनाल पुलिस ने गिरफ्तार किया था, तभी से वह जेल में हैं। बताया जाता है कि अजय मंदिरों में खूब दान दक्षिणा करता था और ऐसी चर्चा है कि वह गरीबों में पैसे भी बांटता था।

फरीदाबाद की युवती ने सितंबर, 1997 में दिल्ली में दुष्कर्म करने का केस दर्ज कराया था। इस मामले में अजय व दिल्ली की एक महिला सोनू कभी पकड़ में नहीं आए। अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया। अब पुलिस ने दुष्कर्म मामले में उसे अंबाला जेल से प्रोडेक्शन वारंट पर लिया और सिरसा की अदालत में पेश किया, जहां से उसे पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है।

फरीदाबाद के अमीपुर निवासी युवती ने तब थाने में बयान दिया कि नरेला निवासी अजय ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद एक महिला हुकमी बाई उसे शादी का झांसा देकर कोटली गांव ले आई। यहां उसके भांजे पहलवान ने दुष्कर्म का प्रयास किया।

पुलिस ने युवती की शिकायत पर युवती के पिता, अजय पंडित, पहलवान, हुकमी बाई, लक्ष्मी बाई व दिल्ली निवासी महिला सोनू के खिलाफ केस दर्ज किया। इस मामले में अब तक पुलिस अजय व सोनू को पकड़ नहीं पाई थी।

1998 में घोषित हुआ भगोड़ा

युवती से दुष्कर्म मामले में पुलिस ने अजय पंडित व महिला सोनू को ढूंढने का प्रयास किया। लेकिन वो नहीं मिले। इसके बाद जनवरी 1998 में पुलिस के आग्रह पर अदालत ने दोनों को भगोड़ा घोषित कर दिया।

नौकरी लगवाने के लिए पिता ही लाया था दिल्ली

पुलिस के अनुसार इस मामले में केस दर्ज कराने वाली युवती का कहना है कि उसके पिता टांसपोर्ट में काम करते थे। वे ही उसे गांव से दिल्ली लेकर आए थे। युवती ने बयानों में पिता को भी दोषी माना था। पुलिस ने उसके पिता को भी गिरफ्तार कर लिया था।

पंडित के आगे पीछे भागती थी पुलिस

सिरसा निवासी अजय पंडित की शान शौकत किसी से छुपी नहीं रही। पिछले दस सालों के दौरान हवाई मार्ग से सिरसा पहुंचता रहा। उसकी अगवानी में सिरसा पुलिस के जवान भी तैनात रहे। उसे एस्कार्ट व पायलट भी मिलती रही। उसके साथ हरियाणा के अलावा दिल्ली पुलिस की सुरक्षा भी रहती थी। कमांडो से घिरे रहने वाले अजय पंडित की सुरक्षा में लगी पुलिस ने ही उसे गिरफ्तार किया।

मंदिरों में दान दक्षिणा, गरीबों को बांटता था नोट

सिरसा में पिता की छोटी सी दवा की दुकान पर कभी बैठने वाले अजय ने दिल्ली का रुख किया और दिल्ली में जाकर बस गया। पहले किराए के मकान में रहने वाले अजय ने बाद में अपनी आलीशान कोठी बना ली। वह सिरसा आता तो मंदिरों में जमकर दान दक्षिणा देता था। यहां तक कि मंदिरों के बाहर गरीबों को भी नोट बांटने के भी काफी चर्चे थे।

ट्रेन की आरक्षित बोगियों में अब हाफ टिकट पर नहीं मिलेगा बर्थ, जानिए...

ट्रेन की आरक्षित बोगियों में अब हाफ टिकट पर नहीं मिलेगा बर्थ, जानिए...

पटना [चंद्रशेखर]। ट्रेन की आरक्षित बोगियों में बच्चों के लिए हाफ टिकट पर पूरी बर्थ मिलने की बात सपना होने जा रही है। भारतीय रेलवे आधी टिकट की परिभाषा बदलने जा रहा है। 22 अप्रैल से यात्रियों को बच्चों (पांच वर्ष से अधिक) के लिए अलग बर्थ को फुल टिकट लेना होगा। हाफ टिकट लेने पर अभिभावकों को अपने बच्चे को साथ में ही सुलाना होगा।

इस नई व्यवस्था से रेलवे प्रति वर्ष दो करोड़ से अधिक यात्रियों को कंफर्म बर्थ दे सकेगा। साथ ही प्रति वर्ष 525 करोड़ रुपये का मुनाफा होने की संभावना है। मालूम हो कि रेलवे में अभी 5 से 12 वर्ष तक के बच्चों को हाफ टिकट लगता है। आरक्षण कराते समय यदि बर्थ खाली रहती है तो हाफ टिकट पर बच्चों को पूरी बर्थ मिल जाती है।

22 अप्रैल के बाद 5 से 12 उम्र के बच्चों के लिए बर्थ चाहिए होगी तो व्यवस्क की तरह निर्धारित भाड़ा देना होगा। हालांकि रेलवे ने हाफ टिकट की व्यवस्था बंद नहीं की है। बस, यह बदलाव किया है कि हाफ टिकट पर आधा किराया लिया जाएगा, लेकिन बर्थ नहीं मिलेगी। पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों का पहले की तरह किसी तरह का टिकट नहीं लगेगा।

रेलवे के आधिकारिक सूत्रों की मानें तो वर्ष 2014-15 में देश में 5 से 12 वर्ष तक के 2 करोड़ से अधिक बच्चे कंफर्म बर्थ पर यात्रा की है। इस व्यवस्था के लागू होने से रेलवे की आय तो बढ़ेगी ही दो करोड़ यात्रियों को अतिरिक्त बर्थ मिल पाएगी।

रेलवे ने अनारक्षित श्रेणी के टिकटों में कोई बदलाव नहीं किया है। इस नए नियम को लागू करने के लिए रेलवे की ओर से आरक्षण पर्ची में भी बदलाव किया जा रहा है। नए पर्ची में हाफ टिकट पर पूरी बर्थ देने की कोई व्यवस्था नहीं रहेगी। ऐसे बच्चों के लिए कंफर्म बर्थ की मांग करने पर उन्हें अलग से कालम में इसकी जानकारी देनी होगी और कंफर्म बर्थ के लिए पूरी राशि चुकानी होगी।

Sunday, 27 March 2016

नमाज के बहाने ताजमहल में घुसने का प्रयास कर रहे थे विदेशी, हुआ हंगामा

नमाज के बहाने ताजमहल में घुसने का प्रयास कर रहे थे विदेशी, हुआ हंगामा

ताजमहल में शुक्रवार का दिन हंगामाखेज रहा। नमाज के बहाने कुछ विदेशी अंदर जाने का प्रयास कर रहे थे। इसके पीछे गुपचुप प्रवेश कराने वालों का खेल था, लेकिन चेकिंग के दौरान विदेशी पकड़े गए और उन्हें प्रवेश से रोक दिया गया।

शुक्रवार को ताजमहल नमाजियों के लिए दोपहर में 12.30 से 2 बजे तक खोला जाता है। नियमानुसार स्थानीय लोगों को ही प्रवेश की अनुमति है। शुक्रवार को मारीशस के अलावा अन्य देशों और महाराष्ट्र के दो सैलानी भी प्रवेश करना चाहते थे।

एएसआई के कर्मचारियों ने जब उनसे पहचान पत्र दिखाने के लिए कहा तो उन्होंने मना कर दिया। इनका तर्क था कि शुक्रवार को ताजमहल नमाजियों के लिए खुलता है, लेकिन कौन लोग प्रवेश करेंगे और कौन नहीं, इससे संबंधित कोई नियम ताजमहल के बाहर नहीं लिखा है। इसलिए उन्हें प्रवेश दिया जाए।

इसे लेकर काफी देर तक ताजमहल के पश्चिमी गेट पर हंगामा चला। बात इतनी बढ़ गई कि एएसआई को मामला सुलझाने के लिए कुछ कर्मचारी और भेजने पड़े। सीआईएसएफ ने भी हस्तक्षेप किया। बाद में इन सैलानियों को प्रवेश देने से मना कर दिया गया।

ताजमहल के संरक्षण सहायक रामरतन ने बताया कि कुछ लोग नमाज के बहाने प्रवेश पाने के लिए यहां पहुंच जाते हैं। शुक्रवार को भी यही तरीका अपनाया जा रहा था, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। उत्तर प्रदेश अमन कमेटी के मुख्य संचालक मुनव्वर अली का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से देश की छवि खराब होती है।

लीबिया में रॉकेट हमले में भारतीय नर्स और बेटे की मौत

लीबिया में रॉकेट हमले में भारतीय नर्स और बेटे की मौत

कोट्टायम। लीबिया में रॉकेट हमले की चपेट में आने से एक भारतीय नर्स और उनके 18 माह के बेटे की मौत हो गई। वे केरल के रहने वाले थे। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भारतीय राजदूत से रिपोर्ट मांगी है। साथ ही शवों को भारत लाने में हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।

सुषमा स्वराज ने बताया कि शुक्रवार शाम चार बजे सुनू सत्यन और उनका बेटा प्रणव रॉकेट हमले की चपेट में आ गए। वे लीबिया की राजधानी त्रिपोली से 45 किलोमीटर दूर जवैया शहर में रहते थे। विदेश मंत्री ने ट्वीट किया, 'सुनू के अपार्टमेंट पर रॉकेट हमला हुआ था। विदेश विभाग के अधिकारी उनके पति विपिन कुमार के संपर्क में हैं।

जवैया अस्पताल में 26 अन्य भारतीय भी काम कर रहे हैं। मैं सशस्त्र संघर्ष वाले क्षेत्रों में रह रहे भारतीयों से एक बार फिर वहां से निकल जाने का आग्रह करती हूं। नर्स के पिता सत्यन नायर ने सरकार से दोनों के शव भारत लाने में मदद की गुहार लगाई जिस पर सुषमा स्वराज ने हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

सुनू जवैया मेडिकल सेंटर में नर्स थीं। रॉकेट हमले के वक्त उनके पति विपिन कुमार अस्पताल में ड्यूटी पर थे। इस वजह से उनकी जान बच गई। विपिन और सुनू 2012 में शादी के बाद लीबिया चले गए थे। धमाके में रिहायशी इलाके में रहने वाले कुछ और लोगों के मारे जाने की भी खबर है। केरल के गृह राज्य मंत्री रमेश चेन्निथला ने लीबिया में सात से आठ लोगों के फंसे होने की बात कही है। उन्होंने बताया कि उन्हें सुरक्षित भारत लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।