Thursday, 10 November 2016

ओलंपिक्स के बाद से मेरे लिए सब कुछ बदल गया है: पीवी सिन्धु

पीवी सिन्धु की माने तो अगस्त में रियो ओलंपिक्स में उनके द्वारा किये गए प्रदर्शन से रजत पदक हासिल करने के बाद से उन्हें नाकामयाबियों का सामना बेहतर तरीके से आ गया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अब उनके बड़े प्रतियोगिताओं में पदक जीतने के लिए और कड़ी मेहनत करनी होगी।

"ओलिंपिक के बाद से मेरी मनःस्थिति बदल गयी है। ओलंपिक्स में मैं वरिष्ठ खिलाड़ियों के विरुद्ध खेल रही थी और मुझे यह एहसास हुआ कि मेरे जैसे निम्न रैंकिंग वाली खिलाड़ी के विरुद्ध हार जाना उनके लिए भी कितना कठिन होगा, तो ऐसे में उन्हें थोड़ा बुरा लगेगा लेकिन वे घर वापस जायेंगे और कड़ी मेहनत करेंगे, इसीलिए अब मैं भी वैसा ही सोचती हूँ, और यकीनन मेरे अन्दर इस बदलाव की वजह ओलंपिक्स है," विश्व की न.11 खिलाड़ी सिन्धु ने PTI से कहा।

"हारना सबके लिए कठिन होता है। जब आप हारते हैं, तो आपके दिमाग में यह बातें चलती रहती हैं कि आप क्या कर सकते थे लेकिन उस पल में आप उससे ज्यादा कुछ भी नहीं कर सकते तो ज़रूरी है कि आप आगे बढ़े," 21 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा।

रियो के बाद फ्रेंच ओपन और डेनमार्क ओपन सुपरसीरीज जैसे प्रतियोगिताओं में सिन्धु को दूसरे दौर से ही बाहर होना पड़ा।

"मेरे ख्याल से यह एक शुरुआत है और ओलिंपिक पदक जीत जाने से यह ख़त्म नहीं हो जाता। सुपरसीरीज, आल इंग्लैंड और वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसे और भी कई टूर्नामेंट हैं और मैं उनमें जीत हासिल करना चाहती हूँ," उन्होंने कहा।

"ओलंपिक्स के बाद ज़िन्दगी काफी बदल सी गयी है और अब जिम्मेदारियां अधिक हैं और सबकी नज़रें हमेशा मेरे ऊपर होंगी तो अब से मुझे पहले के मुकाबले और कड़ी मेहनत करनी होगी।

"ओलंपिक्स के बाद आपके सोचने का तरीका बदल जाता है और आप में एक आत्मविश्वास आ जाता है। पिछले दो प्रतियोगिताओं में मैं जल्दी बाहर हो गयी लेकिन कुल मिलाकर वे अच्छे मुकाबले थें, मैं उनमें कुछ ही अंकों से हारी थी।"

सिन्धु ने कहा कि रियो के बाद से उन्हें जनता की बढ़ती उम्मीदों के कारण कोई दबाव महसूस नहीं होता।

"मुझे दबाव का एहसास नहीं होता, मैं तो अपने खेल का आनंद लेती हूँ। अब जब सब मेरा हौसला बढ़ा रहे हैं और मुझसे उम्मीद कर रहे हैं तो मुझे इन चीज़ों को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखना होगा। मुझे यह दिमाग में लेकर नहीं चलना चाहिए कि अब तो मुझे हर मैच में जीतना होगा वरना लोग क्या कहेंगे, इससे अतिरिक्त दबाव हो जायेगा, मैं बस कोर्ट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना चाहती हूँ।

बुधवार हो हुए प्रीमियर बैडमिंटन लीग के खिलाड़ियों की बोली में सिन्धु को चेन्नई स्मैशर्स की टीम ने रु. 39 लाख खरीदा जबकि हैदराबाद हंटर्स द्वारा रु. 61.5 लाख की कीमत में खरीदी गयी स्पेन की कैरोलिना मरीन सबसे कीमती खिलाड़ी बनी।

"मुझे (रु. 39 लाख में कीमत से) ज्यादा हैरानी या अफ़सोस नहीं हुआ क्योंकि मुझे इस बात की ख़ुशी ज्यादा है कि मैं चेन्नई की टीम में ही रहूंगी। मुझे यह देखने में अधिक दिलचस्पी थी कि टीम खिलाड़ियों पर कितनी बोली लगाते हैं और कौन किस टीम में शामिल होगा," सिन्धु ने कहा।     

Courtesy:sportscafe.com

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