Wednesday, 16 November 2016

नोटबंदी से देश ही नहीं विदेशों में रह रहे भारतीय भी उलझन में पड़े

सिएटल, नितिन प्रधान। 500 और 1,000 रुपये के नोटों पर लगी पाबंदी ने विदेशों में रह रहे भारतीयों को भी उलझन में डाल दिया है। इनमें विदेश में बसे भारतीय तो हैं ही, साथ ही वो लोग भी खुद को दिक्कत में फंसा महसूस कर रहे हैं जो इस घोषणा से पूर्व विदेश भ्रमण के लिए भारत से निकले थे। दोनों तरह के लोगों की दिक्कत की मूल वजह यही है कि भारत वापसी के लिए बचाकर रखी गई भारतीय मुद्रा का क्या होगा। विदेश में बसे भारतीय परिवारों को कारोबार या अन्य पारिवारिक वजहों से अक्सर भारत आना-जाना रहता है। इसके लिए ये लोग अपने पास हमेशा भारतीय मुद्रा बचाकर रखते हैं ताकि भारत यात्रा के शुरुआती आवश्यक खर्चे की पूर्ति की जा सके। चूंकि इन्हें कभी अकेले तो कभी परिवार के साथ भारत यात्रा करनी होती है, लिहाजा भारतीय मुद्रा भी उसी हिसाब से परिवारों में रखने का चलन है। इन लोगों की सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि इस घोषणा के बाद विदेश स्थित भारतीय बैंकों की शाखाओं में इस मुद्रा के बदलाव की कोई व्यवस्था अभी तक नहीं हुई है। इन लोगों की उलझन इसलिए बढ़ गई है क्योंकि इनमें से अधिकांश के पास भारतीय बैंक की शाखाओं में खाता ही नहीं है। इसलिए मौजूदा स्थिति में ये करेंसी बदलने का लाभ भी नहीं ले पाए हैं। अमेरिका के सिएटल में एक साफ्टवेयर कंपनी में काम करने वाले परमेश्वरन ने बताया कि दिसंबर में ही वह छुट्टी पर भारत जाने का विचार कर रहे थे। अपने शुरुआती खचरें के लिए इन्होंने 18-20 हजार रुपये बचाकर रखे हुए थे। लेकिन इस घोषणा के बाद उनके लिए यह राशि बेकार हो गई है। परमेश्वर का कहना है कि अब उन्हें भारत जाने से पहले तत्काल एयरपोर्ट पर ही विदेशी मुद्रा को रुपये में बदलना होगा। लेकिन अचानक वह कितनी राशि हासिल कर पाएंगे, इसके बारे में वह अनुमान भी नहीं लगा पा रहे। इससे पहले आस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में गुजरात से आए दीपक ने बताया कि आमतौर पर वहां रह रहे भारतीय परिवारों में सदस्यों की संख्या के लिहाज से भारतीय मुद्रा बचाकर रखी जाती है। जो लोग भारतीय जिंसों के कारोबार में हैं उन्हें तो अक्सर भारत जाना होता है। लिहाजा उन्हें घरों में नकद राशि के तौर पर हमेशा 25 से 30 हजार रुपये रखने पड़ते हैं। दीपक का कहना है कि अब इस राशि को भारतीय मुद्रा में बदलने के उपाय उन्हें तलाशने होंगे। हालांकि ऐसे ही एक कारोबारी रजनीश ने कहा कि वह इस महीने भारत जाएंगे तो वहां स्थित अपने खाते में वह इस राशि को जमा करा सकते हैं। इधर, चंडीगढ़ से अमेरिका घूमने आए कोहली दंपती भी यह खबर आने के बाद परेशान हो गए। वह यह घोषणा होने के तीन दिन पहले ही भारत से निकले थे। अभी उनके अमेरिका भ्रमण का आधा वक्त भी नहीं गुजरा है। पहले उनका इरादा दिसंबर के पहले हफ्ते में भारत वापस जाने का था। लेकिन अब वे समय से पहले ही लौटने पर विचार कर रहे हैं ताकि घर में पड़ी नकदी को समय रहते बैंक में जमा कराया जा सके। 

Courtesy:jagran.com

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