लखनऊ। टीम साथियों में बढिय़ा कडक़ चाय पिलाने के लिए मशहूर हरजीत ङ्क्षसह को आठ दिसंबर से शुरू हो रहे जूनियर हॉकी विश्वकप के लिए 18 सदस्यीय भारतीय पुरुष टीम की कमान सौंपी गयी है। भारत की मेजबानी में यहां ध्यानचंद एस्ट्रोटर्फ स्टेडियम में आठ से 18 दिसंबर तक खेले जाने वाले जूनियर विश्वकप के लिए गुरुवार को 18 सदस्यीय टीम की घोषणा की गई। 20 वर्षीय युवा मिडफील्डर हरजीत को कप्तानी का जिम्मा दिया गया है, जबकि ओडि़शा के युवा डिफेंडर दिप्सान टिर्की को उपकप्तान बनाया गया है। किसान के बेटे दिप्सान भारतीय हॉकी पेनल्टी कार्नर विशेषज्ञ दिलीप टिर्की के गांव के ही रहने वाले हैं।
भारतीय सीनियर पुरुष हॉकी टीम के मुख्य कोच और हॉकी इंडिया के हाई परफॉर्मेंस निदेशक रोलैंट ओल्टमैंस ने यहां सुबह टीम के सत्र के बाद जूनियर टीम के मुख्य कोच हरेंद्र ङ्क्षसह की मौजूदगी में कप्तान के नाम की घोषणा की। सीनियर टीम में भी खेल चुके हरजीत ने सुल्तान अजलान शाह टूर्नामेंट में भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। एक ट्रक ड्राइवर के बेटे हरजीत हाल ही में सबसे बेहतरीन युवा खिलाड़ी के लिए 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार भी जीत चुके हैं। पंजाब के हरजीत ने कप्तान चुने जाने के बाद कहा, मैं कप्तान चुने जाने पर बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का दावा करता हूं। हम टूर्नामेंट में सभी मैचों को गंभीरता से लेंगे। मैंने एचआईएल में भी यूपी विजाड्र्स के लिए मैच खेले हैं और लखनऊ एस्ट्रोटर्फ पर खेलने का भी अच्छा अनुभव है, जिसका विश्वकप में फायदा मिलेगा। सुरजीत ङ्क्षसह हॉकी अकादमी का हिस्सा रह चुके 20 वर्षीय मिडफील्डर ने स्पेन के वेलेंशिया में भी टीम की कप्तानी की थी, जहां भारत ने फाइनल में जर्मनी को हराकर चार राष्ट्रों का टूर्नामेंट जीता था।
वहीं उपकप्तान बनाए गए 18 वर्षीय टिर्की रूस में हुए यूरेशिया कप में कप्तानी कर चुके हैं। इसके बाद इंग्लैंड दौरे में उनके नेतृत्व में टीम ने स्कॉटलैंड की सीनियर टीम को हराया था। ओल्टमैंस ने टीम चयन पर कहा, हरजीत में टीम को एकजुट रखने की क्षमता है, जो कप्तान का सबसे जरूरी गुण होता है। इसके अलावा दिप्सान भी नेतृत्व कर सकते हैं और उन्होंने पिछले कुछ टूर्नामेंटों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
Courtesy:patrika.com
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