नई दिल्ली: टाटा ग्रुप का अंदरूनी विवाद थमता नहीं दिख रहा है। रतन टाटा और साइरस मिस्त्री के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब टाटा ग्लोबल बेवरेज लिमिटेड (टीजीबीएल) के नए हेड हरीश भट्ट ने भी साइरस मिस्त्री पर जुबानी हमला कर दिया है। भट्ट ने कहा कि प्राइमरी प्रमोटर्स से विरोधाभास के चलते साइरस मिस्त्री को चेयरमैन पद से हटाए जाने का फैसला किया गया है। उन्होंने कहा कि प्राइमरी प्रमोटर्स से मिस्त्री का विरोधाभास कंपनी के भविष्य के लिए बहुत बड़ा खतरा हो सकता था। उन्होंने कहा कि जहां तक बात मिस्त्री को हटाए जाने की प्रक्रिया की है तो वह पूरी तरह न्या य संगत और कंपनी अधिनियम के तहत थी। गौरतलब है कि बीते 24 अक्टूबर को टाटा ग्रुप के चेयरमैन पद से हटाए जाने के बाद मिस्त्री को टीसीएस और टाटा ग्लोेबल बेवरेज लिमिटेड के चेयरमैन पद से भी हटाया जा चुका है। मंगलवार को टाटा ग्लोबल बेवरेज लिमिटेड से हटाए गए मिस्त्री: टाटा ग्लोबल बेवरेज लिमिटेड के नए हेड हरीश भट्ट ने बताया कि बीते मंगलवार को बोर्ड मीटिंग में मिस्त्री को हटाए जाने के लिए जो प्रस्ताव रखा गया था, उसमें 7:3 के अनुपात में वोट पड़े। कुल 7 लोग उन्हें हटाए जाने के पक्ष में जबकि, सिर्फ 3 ही उन्हें पद पर बनाए रखने में विश्वास रखते थे। आपको बता दें कि टाटा संस की टीजीबीएल में 35.27 फीसदी हिस्सेतदारी है। हरीश भट्ट ने बताया मिस्त्री को क्यों हटाया गया: टाटा ग्लोाबल बेवरेज लिमिटेड के नए हेड ने बताया कि साइरस मिस्त्री और प्राइमरी प्रमोटर्स के बीच के रिश्तों का असर कंपनी के प्रदर्शन पर पड़ता। इससे यह होता कि छोटे प्रमोटर्स भी कंपनी में विश्वास खोने लगते साथ ही टाटा की छवि को भी धक्का लगता। इन्हीं सब बातों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।
Courtesy:jagran.com
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