लंदन
क्या महारानी एलिजाबेथ द्वितीय बकिंघम पैलेस की मरम्मत का खर्च खुद वहन करेंगी? ब्रिटेन के अधिकतर लोग तो यही चाहते हैं। एक ऑनलाइन याचिका पर हजारों लोगों ने साइन किया है। इसके मुताबिक, महारानी को पैलेस की मरम्मत पर आने वाले खर्च का बोझ टैक्स पेयर्स पर नहीं डालना चाहिए। बताया जा रहा है कि इस पर 370 मिलियन पाउंड्स (31 अरब रुपये से अधिक) खर्च किए जाएंगे।
शुक्रवार को ब्रिटिश सरकार ने पैलेस के जीर्णोद्धार को लेकर घोषणा की थी। इसके बाद 38 डिग्री कंपेन साइट पर 'मेक रॉयल्स पे फॉर रेनोवेशन' नाम से अभियान चलाया गया। जल्द ही इस पर 88, 389 लोगों ने अपने हस्ताक्षर कर दिए। मरम्मत अगले साल अप्रैल में शुरू होगी। इस दौरान महरानी आवास में ही रहेंगी।
यूके चांसलर को संबोधित करते हुए लिखी गई याचिका में कहा गया, 'नैशनल हाउंसिंग क्राइसेस है। कई सेक्टर में कटौती की जा रही है और रॉयल्स चाहते हैं कि बकिंघम पैलेस को दुरुस्त करने के लिए हम बोझ वहन करें। महारानी के पास विशाल कोष है और फिर ऐसा कहना बेहरम है।'
यूके के शैडो चांसलर ने बीबीसी को बताया कि महारानी की ओर से अंशदान का स्वागत किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कहा, 'यह सार्वजनिक इमारत और धरोहर है। इसलिए इसके संरक्षण में हमें निवेश करना है।' पहली बार इस महल का इस्तेमाल महारानी विक्टोरिया ने किया था। 1952 से अब तक इसकी साज-सज्जा नहीं हुई है। इसकी मरम्मत का काम 2027 में पूरा होगा।
Courtesy:indiatimes.com
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