नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने सहारा ग्रुप के प्रमुख सुब्रत राय सहारा को फिर एक बार बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने सुब्रत राय की अंतरिम जमानत अवधि या पेरोल 6 फरवरी तक बढ़ा दी है. इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत राय को 600 करोड़ रुपये जमा करने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने सहारा प्रमुख सुब्रतो रॉय के पैरोल को 6 फरवरी 2017 तक बढ़ाते हुए कहा है कि अगर जेल से बाहर रहना है तो इस तय तारीख तक 600 करोड़ रुपये सेबी के सहारा अकाउंट में जमा किए जाएं.
गौरतलब है कि सहारा समूह द्वारा कोर्ट के एक आदेश का पालन नहीं करने पर 68 वर्षीय सहारा चीफ सुब्रत रॉय को मार्च 2014 में गिरफ्तार किया था. सहारा समूह को आदेश में कहा गया था कि सहारा उन लाखों छोटे निवेशकों को पैसा लौटाए जिन्हें वे बॉन्ड बेचे गए थे जो गैरकानूनी थे. सेबी-सहारा के बीच हजारों निवेशकों के पैसे लौटाने को लेकर विवाद चल रहा है जिसकी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच कर रही है. सहारा समूह काफी वक्त से सेबी के साथ कानूनी लड़ाई लड़ रहा हैं जिसके तहत उसे निवेशकों को 24,000 करोड़ रुपये लौटाने हैं. सहारा ने अभी तक 11 हज़ार करोड़ रुपये लौटा दिए हैं. सहारा ने अपनी रिपेमेंट योजना सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी है और कहा है कि कंपनी बाकी की रकम 2.5 साल में जमा करा देगी.
कब-कब मिली पेरोल
सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत रॉय की मां का निधन होने के बाद मानवीय आधार पर उन्हें 6 मई को पैरोल पर रिहा किया था. इस पैरोल को पहले 11 जुलाई तक बढ़ा दिया गया था. इसके बाद कोर्ट ने राय की पैरोल 3 अगस्त तक और फिर 28 नवंबर तक के लिए बढ़ा दी थी. 21 अक्टूबर की सुनवाई में सहारा चीफ सुब्रतो राय की पैरोल 28 नवंबर तक बढ़ाई गयी थी. सुब्रतो राय को यह राहत पहले 200 करोड़ रुपये जमा करने और फिर नवंबर अंत तक और 200 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त पर दिया था. यह राशि प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को जमा किया जाना था.
इसी बीच एक घटनाक्रम में सहारा ने 3 सितंबर को हुई सुनवाई में कहा था कि उसने निवेशकों के 25,000 करोड़ रुपये लौटाए हैं.. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने इतनी बड़ी रकम कैश में देने पर सवाल किए थे और रकम का स्त्रोत बताने के लिए कहा था. कोर्ट ने बहुत कम समय में आपने ज्यादा नकदी को जमा करने पर सवाल किए थे जिस पर सहारा ग्रुप ने किसी भी जांच के लिए तैयार होने का तर्क दिया था.
Courtesy:abplive.in
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