जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली । पांच सौ और हजार रुपये के पुराने नोटों पर लगी पाबंदी से भारत में स्थित दूतावासों, विदेश में रहने वाले भारतीयों और यहां आने वाले पर्यटकों की दिक्कतों को दूर करने के लिए वित्त मंत्रालय ने अंतर मंत्रालयी समिति गठित की है। समिति में विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ संयुक्त सचिव को भी शामिल किया गया है। समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट देगी जिसके आधार पर सरकार इन पीडि़त पक्षों को राहत के लिए कदम उठाएगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा है कि नोटबंदी की वजह से तीन तरह के पक्षों पर असर पड़ा है जो सीधे तौर पर हमारे मंत्रालय से संबंधित हैं। सबसे पहले तो दूतावास हैं जिन्होंने हमसे कहा है कि उन्हें बहुत सारा फंड चाहिए। यह मौजूदा नकदी सीमा को देखते हुए बहुत अपर्याप्त है। उन्होंने दूतावासों और मिशनों के लिए इस सीमा को बढ़ाने का सुझाव दिया है। दूसरा पक्ष एनआरआइ हैं जिनके पास भारतीय मुद्रा है। ये लोग भारत से जाने के समय भारतीय मुद्रा एक सीमा में रखते हैं लेकिन अब जब वह भारत आएंगे तो उस मुद्रा का क्या होगा। उनके पुराने नोट के बदले नए नोट किस तरह से दिए जाएंगे। तीसरी तरफ पर्यटक हैं जो भारत भ्रमण के लिए आए हुए हैं। कई लोग इलाज के लिए भारत आते हैं। इन्हें भी ज्यादा राशि चाहिए। वित्त मंत्रालय की समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार इनके लिए उपाय निकालेगी।
Courtesy:jagran.com
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