Friday, 18 November 2016

बॉम्बे हाईकोर्ट का ‘कोल्डप्ले’ कार्यक्रम पर रोक लगाने से इनकार

मुंबई: ‘बॉम्बे हाई कोर्ट’  ने ब्रिटिश रॉक बैंड ‘कोल्डप्ले’ के आगामी कार्यक्रम के आयोजन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. हालांकि, अदालत ने यह कहा कि महाराष्ट्र सरकार को कार्यक्रम के आयोजकों से शपथ पत्र लेना चाहिए कि यदि अदालत भविष्य में निर्देश देती है तो यह छूट प्राप्त मनोरंजन शुल्क का भुगतान करने को तैयार होगा.

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मंजुला चेल्लुर और न्यायमूर्ति एमएस सोनक ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की. यह याचिका कार्यकर्ता अंजलि दमानिया और हेमंत गवंदे ने दायर की है. उन्होंने कार्यक्रम के लिए मनोरंजन कर की छूट देने के सरकार के फैसले को चुनौती दी है.

ब्रिटिश बैंड का यह कार्यक्रम उप नगरीय बांद्रा कुर्ला परिसर के ‘एमएमआरडीए’ मैदान में 19 नवंबर को होना है. याचिकाकर्ताओं ने ‘बंबई मनोरंजन शुल्क अधिनियम 1923’ के तहत मनोरंजन शुल्क के भुगतान से छूट के फैसले की वैधता को इस आधार पर चुनौती दी है कि ऐसा सिर्फ धर्मार्थ या शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए आयोजित कार्यक्रमों के लिए किया जा सकता है.

कार्यवाहक महाधिवक्ता रोहित देव ने अदालत में दलील दी कि कार्यक्रम की अवधारणा अलग है और यह महज एक रॉक शो नहीं है. देव ने कहा कि यह आठ घंटा लंबा कार्यक्रम होने जा रहा है और ‘कोल्डप्ले’ का कार्यक्रम इसका महज एक हिस्सा है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य खासतौर पर लैंगिक संवेदनशीलता, शिक्षा और स्वच्छ जल के बारे में ज्यादातर युवाओं को जागरूक करना और लोगों को शिक्षित करना है.

ये तीन चीजें संयुक्त राष्ट्र के 17 सतत लक्ष्यों का हिस्सा हैं. उन्होंने कहा कि 80,000 टिकटों में 65,000 उन लोगों को मुफ्त में दिया जाएगा जो इन विषयों पर समाज को अपने योगदान को दिखाएंगे. शेष 15,000 टिकटों में से 11,000 टिकटें आयोजक बेचेंगे ताकि कार्यक्रम का खर्च निकल सके और 4,000 टिकटें गणमान्य लोगों के लिए रखी जाएंगी.

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि फिलहाल इस समय याचिकाकर्ताओं की दलीलें स्वीकार नहीं की जा सकती हैं और इसलिए कार्यक्रम पर रोक लगाने को इच्छुक नहीं है. हालांकि, मुख्य न्यायाधीश चेल्लुर ने निर्देश दिया, ‘ न्याय के हित में हम इस याचिका की अनदेखी नहीं कर सकते.’

Courtesy:abplive.in

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