जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पुलिस स्टेशन पर अब आप सिर्फ रिपोर्ट लिखाने नहीं जाएंगे, बल्कि अपने बैंक खाते से नोट निकालने भी जा सकते हैं। सिर्फ थाने ही नहीं, पंचायत भवन, सरकारी विभाग, सार्वजनिक उपक्रमों, पेट्रोल पंपों और इस तरह की अन्य जगहों से आप नकदी निकाल सकेंगे। जरूरत पड़ने पर अपने बैंक खाते में राशि भी जमा करा सकेंगे। आरबीआइ ने इन सभी एजेंसियों के पास माइक्रो एटीएम लगाने की इजाजत दे दी है। इस बारे में सोमवार को केंद्रीय बैंक ने सभी बैंकों को निर्देश दे दिए हैं। अब यह बैंकों पर निर्भर करता है कि वे तेजी से उक्त स्थानों के नजदीक माइक्रो एटीएम लगाए। देश में नकदी की किल्लत दूर करने में यह कदम सबसे उपयोगी साबित हो सकता है।रविवार को प्रधानमंत्री मोदी के साथ उच्चस्तरीय बैठक के बाद सरकार ने ग्रामीण व दूरदराज के इलाकों में नकदी पहुंचाने के लिए एक साथ कई उपायों की घोषणा की है। सबसे पहले तो बैंकिंग करेस्पांडेंट (बीसी) व डाकघरों को नए नोटों की आपूर्ति बढ़ाने की व्यवस्था की गई है, ताकि दूरदराज के इलाकों में मदद पहुंच सके। साथ ही आरबीआइ ने करेंसी चेस्ट से इन इलाकों में नकदी पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। सरकार की तरफ से बताया गया है कि बैंकों के लिए काम करने वाले 1.2 लाख बैंकिंग करेस्पांडेंट को दी जाने वाली राशि की सीमा बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है। बैंकों को यह भी कहा गया है कि अगर जरूरत महसूस करें तो वह अपने स्तर पर अपने बीसी को 50,000 से ज्यादा राशि देने के लिए भी अधिकृत कर सकते हैं। जबकि डाकघर व उपडाकघरों को नकदी आपूर्ति में वरीयता देने का फैसला किया गया है। देश में 1.3 लाख डाकघरों में अधिकांश ग्रामीण इलाकों में हैं। आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास के मुताबिक बीसी और डाकघर संयुक्त तौर पर 2.5 लाख नेटवर्क नए नोट वितरण की व्यवस्था को बेहतर बनाएंगे। देर रात आरबीआइ ने सभी बैंकों को यह निर्देश जारी किया कि वे मोबाइल बैंकिंग यानी गाड़ी में लगे हुए एटीएम को अपनाने पर खास ध्यान दें। इनसे दूरदराज के इलाकों में बैंकिंग सेवा पहुंचाने में आसानी होगी। समाज के गरीब तबके के लोगों मसलन, चाय और सब्जी वालों के बैंक खाते खोलने के लिए नए सिरे से कैंप लगाने का निर्देश दिया गया है। चूंकि बैंकों का काम बढ़ गया है, इसलिए उनसे यह भी कहा गया है वे अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को कम अवधि के लिए ठेके पर रखें। कड़क चाय बनाने की आदत थी, इसीलिये निर्णय भी कड़क लेता हूंः मोदी
Courtesy:jagran.com
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