मुंबई, प्रेट्र। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआइसी) ने अपने एजेंटों को अपने साथ जोड़े रखने के लिए ग्रेच्युटी की राशि बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर दी है। देशभर में एलआइसी के करीब 11 लाख एजेंट हैं। बेहतर आय के लिए उसके एजेंट काम छोड़कर दूसरी बीमा कंपनियों से जुड़ रहे हैं। इससे कंपनी परेशान है।
सरकारी अधिसूचना के अनुसार एजेंटों को पहले 15 वर्षो के दौरान प्रत्येक वर्ष के लिए तय दर से ग्रेच्युटी देय होगी। इसके बाद के दस साल के दौरान वार्षिक ग्रेच्युटी 50 फीसद होगी। अधिकतम ग्रेच्युटी तीन लाख रुपये तक दी जाएगी। मौजूदा स्कीम के तहत 15 साल बाद काम छोड़ने पर दो लाख रुपये ग्रेच्युटी देय है। एजेंटों को प्रीमियम पर 35 फीसद और सिंगल प्रीमियम पॉलिसी पर दो फीसद कमीशन मिलता है।
एलआइसी की 94 फीसद प्रीमियम आय उसके करीब 11 लाख एजेंटों के जरिये ही होती है जबकि प्राइवेट बीमा कंपनियों का 50 फीसद कारोबार एजेंटों के जरिये होता है। पिछले वित्त वर्ष के दौरान एलआइसी ने 2.45 लाख नये एजेंटों की भर्ती की जबकि 3.40 लाख एजेंट या तो काम छोड़ गये या उन्हें हटा दिया गया।
हालांकि मार्च 2016 में एसआइसी के 10.60 लाख एजेंट थे। इस साल जनवरी में इनकी संख्या बढ़कर 11.05 लाख हो गई। इस तरह मौजूदा वित्त वर्ष में वह एजेंटों की संख्या 45 हजार बढ़ाने में सफल रही। कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि इस साल दौरान 2.70 लाख एजेंट जोड़े गये जबकि 2.25 लाख एजेंट काम छोड़कर चले गये।
Source:jagran.com
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