Wednesday, 15 February 2017

पीएम 2.5 की मात्रा बढ़ने से देश में सालाना 11 लाख मौत

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। वायु प्रदूषण के प्रमुख प्रदूषक तत्व पीएम 2.5 के कारण विश्व भर में 42 लाख लोग समय से पहले मृत्यु का शिकार बन रहे हैं। इनमें से 11 लाख मौत अकेले भारत में हो रही हैं। चीन के बाद भारत ऐसा दूसरा देश है जहां वायु प्रदूषण से इतनी मौतें हो रही हैं। भारत में ओजोन प्रदूषण भी तेजी से बढ़ रहा है। अमेरिका के हेल्थ इफेक्ट इंस्टीटयूट (एचईआइ) की सालाना रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।

मंगलवार को जारी की गई इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत में वायु प्रदूषण से समय पूर्व होने वाली मौतों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। 1990 के बाद चीन में जहां इन मौतों की संख्या 17.22 फीसद बढ़ी है वहीं भारत में यह इजाफा 48 फीसद तक दर्ज किया गया है। चीन में ओजोन गैस के प्रदूषण से होने वाली मौतों का फीसद 1990 से लगभग एक जैसा चल रहा है, जबकि भारत में 148 फीसद की वृद्धि दर्ज की गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक विश्व भर में असामयिक मौतों के पीछे वायु प्रदूषण भी एक बड़ी वजह बनता जा रहा है। इसका एक कारण यह भी है कि विश्व की करीब 92 फीसद आबादी जहां रहती है वहां स्वच्छ और स्वास्थ वर्धक हवा उपलब्ध नहीं है। इससे पूर्व एचईआइ ने 2015 में अपनी रिपोर्ट जारी की थी। दो साल बाद जारी की गई इस रिपोर्ट में ज्यादा गहराई से विश्लेषण किया गया है और 1990 से 2015 तक के आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए ट्रेंडस पर भी टिप्पणी की गई है।

रिपोर्ट से मिली जानकारी के मुताबिक पीएम 2.5 से चीन में सालाना 11,08,100 लाख मौतों का आंकड़ा सामने आया है जबकि भारत में यह आंकड़ा 10,90,400 मौतों का है। यह पड़ोसी देश बांग्लादेश से 9 गुना जबकि पाकिस्तान से 8 गुना ज्यादा है। ओजोन गैस के प्रदूषण से भी भारत में 33 फीसद मौतें बढ़ी हैं। 1990 के बाद भारत में जहां ओजोन गैस से सालाना औसतन 20 फीसद मौतें बढ़ रही हैं वहीं चीन में यह दर मात्र 0.50 फीसद है। भारत में ओजोन से होने वाली असामयिक मौतें भी बांग्लादेश से 13 गुना और पाकिस्तान से 21 गुना ज्यादा है।

सेंटर फॉर साइंस एंड एन्वायरमेंट (सीएसई) की कार्यकारी निदेशक अनुमिता राय चौधरी ने इस स्थिति को आपातकालीन करार दिया है। उनका कहना है कि इस रिपोर्ट के मद्देनजर राष्ट्रीय स्तर पर वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अविलंब ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

Source:jagran.com

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