चंडीगढ़
हरियाणा में शिक्षा संस्थानों एवं सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग को लेकर जाट समुदाय द्वारा जारी विरोध प्रदर्शन के आज 18 दिन हो गए। आंदोलन कर रहे जाटों ने 19 फरवरी को बलिदान दिवस के रूप में मनाने की भी घोषणा की है।
आरक्षण आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति (एआईजेएएसएस) के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा, 'हरियाणा के सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। हमारा आंदोलन शांतिपूर्ण है।' हालांकि जाट नेताओं ने मांगें पूरी न किए जाने पर 19 फरवरी के बाद आंदोलन तेज करने की धमकी दी है। अन्य पिछडा वर्ग के तहत शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग करने के साथ-साथ जाट पिछले वर्ष हुए आंदोलन के दौरान जेल भेजे गए समुदाय के सदस्यों की रिहाई, उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने और प्रदर्शन के दौरान मारे गए लोगों के निकटतम परिजन तथा घायलों को नौकरी देने की मांग कर रहे हैं। आपको बता दें कि आंदोलन कर रहे जाटों से बातचीत के लिए प्रदेश की बीजेपी सरकार ने इस सप्ताह के आरंभ में मुख्य सचिव डीएस धेसी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति का गठन किया था।
जाटों ने यह भी घोषणा की है कि पिछले साल आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों की याद में देश में अलग-अलग जगहों पर 19 फरवरी को बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाएगा। जाट आंदोलन को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है जबकि राज्य पुलिस कड़ी चौकसी बरत रही है। राज्य में पिछले साल हुए जाट आंदोलन के हिंसक होने के बाद कम से कम 30 लोग मारे गए थे और करोड़ों रुपये की संपत्ति क्षतिग्रस्त हो गयी थी। अधिकारियों ने कहा कि इस बार राज्य में अधिकतम चौकसी बरती जा रही है।
Source:indiatimes.com
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