Sunday, 19 February 2017

मैटरनिटी बेनेफिट को एक बच्चे तक सीमित करेगी मोदी सरकार, फंड की कमी के चलते होगा फैसला

सरकार की तरफ से मैटरनिटी बेनेफिट बजट में कटौती की जाने वाली है। इसके अंतर्गत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय लाभ को एक बच्चे तक समेटने की तैयारी में है।

नए साल के मौके पर देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को मातृत्व लाभ (मेटरनिटी बेनेफिट) के अंतर्गत 6000 रुपए दिए जाएंगे। अबतक ऐसा लाभ किसी भी महिला को दो बच्चे पैदा करने तक मिलता है। लेकिन अब सरकार की तरफ से इस बजट में कटौती की जाने वाली है। इसके अंतर्गत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय लाभ को एक बच्चे तक समेटने की तैयारी में है। इसके अलावा अबतक केंद्र सरकार इस स्कीम का 60 प्रतिशत फंड देती थी। उसे घटाकर 50 प्रतिशत किया जा सकता है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय इस वक्त कैबिनेट नोट तैयार कर रहा है। मंत्रालय के एक सीनियर मंत्री ने बताया कि पीएमओ से बातचीत के बाद आगे की तैयारी और स्कीम को चलाने का काम किया जाएगा। अधिकारी ने यह भी साफ किया कि स्कीम को एक बच्चे तक सीमित करने की बात चल रही है।

नए साल पर क्या बोला गया था पीएम ने ? नए साल पर लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि स्कीम को पूरे भारत के लोगों तक पहुंचाने का का काम किया जाएगा। इस स्कीम को यूपीए 2 करे वक्त पर शुरू किया गया था। अक्टूबर 2010 में शुरू की गई इस स्कीम का नाम इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना रखा गया था। तब इसको देश के 650 जिलों में से 53 जिलों में ही शुरू किया गया था। मोदी की घोषणा के बाद जनवरी में मंत्रालय ने योजना की डीटेल जारी की थी। बताया गया था कि केंद्र सरकार 60 प्रतिशत पैसा देगी। इसके अलावा कहा गया था कि 19 साल से ऊपर की महिला को दो बच्चे पैदा करने तक यह लाभ मिलेगा।

अब सूत्रों से जानकारी मिली है कि इस स्कीम के लिए जितना पैसा चाहिए 2017-18 का बजट उससे काफी कम है। यूनियन बजट में इस स्कीम को 2,700 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इससे हर साल जन्म लेने वाले तकरीबन 2.6 करोड़ बच्चों में से 90 लाख बच्चों को ही कवर किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक इसके लिए सालाना 14,512 करोड़ रुपए की जरूरत होती है।

Source:jansatta.com

No comments:

Post a Comment