नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। नोटबंदी के बाद डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार गांव के लोगों को डिजिटल साक्षरता देने के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान शुरु करेगी। केंद्र इस योजना पर भारी भरकम 2,351.38 करोड़ रुपये खर्च करेगी और मार्च 2019 तक इसके माध्यम से 6 करोड़ परिवारों को डिजिटल साक्षरता देने की योजना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। सरकार ने यह कदम आम बजट 2016-17 में इस बारे में की गयी घोषणा के संबंध में उठाया है।
सरकार का कहना है कि पीएमजीदिशा के तहत वर्ष 2016-.7 में 25 लाख लोगों को प्रशिक्षित किया जाएगा जबकि 2017-18 में इसके तहत 2.75 करोड़ लोगों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है। इसके साथ ही 2018-19 में तीन करोड़ लोगों को डिजिटली साक्षर बनाने का लक्ष्य भी इस कार्यक्रम के तहत रखा गया है।
सरकार के इस कार्यक्रम के तहत ढाई लाख ग्राम पंचायतों को कवर किया जाएगा और प्रत्येक पंचायत में औसतन 200 से 300 लोग पंजीकृत किए जाएंगे। सरकार की इस योजना के तहत डिजिटली साक्षर होने पर व्यक्ति कंप्यूटर और स्मार्ट फोन जैसी डिजिटल डिवाइस चला सकेगा। इस योजना का क्रियान्वयन सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय करेगा।
उल्लेखनीय है कि एनएसएसओ के 71वें सर्वे के अनुसार देश में सिर्फ छह प्रतिशत ग्रामीण परिवारों के पास ही कंप्यूटर है। इसका मतलब यह है कि बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार डिजिटल पहुंच से दूर हैं।
Source:jagran.com
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