सिंगापुर, प्रेट्र। भारतीय महिला हॉकी टीम को शुक्रवार को चौथी महिला एशियन चैंपियंस टॉफी के अपने अंतिम लीग में संघर्षपूर्ण मुकाबले में चीन के हाथों 2-3 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। भारतीय महिलाओं की यह टूर्नामेंट में पहली हार है। बावजूद इसके टीम फाइनल में पहुंच गई, जहां शनिवार को उसकी भिड़ंत चीन से ही होगी। चीन टूर्नामेंट में नौ अंकों के साथ पहले, जबकि भारत सात अंक लेकर दूसरे स्थान पर रहा। तीसरे स्थान के लिए जापान व कोरिया में टक्कर होगी। मलेशिया सबसे अंतिम पायदान पर रहा। भारतीय खिलाड़ी अनुराधा देवी का यह सौवां अंतरराष्ट्रीय मैच था। चीन के लिए यांग चेन (35वें व 60वें मिनट) और क्यू आइयू (51वें मिनट) ने गोल किए। भारत की ओर से पूनम देवी (52वें मिनट) और वंदना कटारिया (55वें मिनट) ने एक-एक गोल किया। दोनों टीमों ने आक्रामक शुरुआत करते हुए बहुत बढि़या खेल का मुजाहिरा पेश किया। पहले हाफ में भारत को दो पेनाल्टी कॉर्नर मिले पर वह उन्हें भुनाने में नाकाम रहा। इसके चलते पहला हाफ गोलरहित रहा। दूसरे हाफ में चीनी खिलाडि़यों ने हमले तेज कर दिए और इसका फायदा भी उन्हें जल्द ही मिल गया। यांग चेन ने 35वें मिनट में शानदार गोल कर अपनी टीम को 1-0 से बढ़त दिला दी। 51वें मिनट में क्यू आइयू ने गोल कर चीन की बढ़त दोगुनी कर दी। हालांकि इसके एक मिनट बाद ही भारत को पेनाल्टी कॉर्नर मिला, जिसे पूनम रानी ने गोल में तब्दील करने में कोई गलती नहीं की। इससे स्कोर 1-2 हो गया। इसके तीन मिनट बाद कप्तान वंदना कटारिया ने स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। जब लग रहा था कि मुकाबला बराबरी पर छूटेगा तभी अंतिम मिनट में चीन ने पेनाल्टी हासिल कर ली और यांग चेन ने इसे जाल में अटकाकर मैच जीत लिया।
Courtesy:jagran.com
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