नई दिल्ली (जेएनएन)। अधिक चमकदार दिखेगा अगर आप सबसे बड़े और चमकदार चांद का दीदार करना चाहते हैं तो तैयारी कर लीजिए। 14 नवंबर को चांद पृथ्वी के सबसे करीब होगा। यह अद्भुत खगोलीय घटना यानी सुपरमून 68 साल बाद होने जा रही है। चंदा मामा से जुड़ी खास बातें सुपरमून : जब पूर्णिमा का चांद कक्षा पर पृथ्वी के सबसे करीब आता है तब उसे सुपरमून कहते हैं। दूर-पास : पृथ्वी की कक्षा में घूमते हुए चांद जब धरती के सबसे नजदीक आ जाता है तो उस स्थिति को पेरीजी और कक्षा में जब सबसे दूर होता है तो उस स्थिति को अपोजी कहते हैं। सामान्य दूरी : सामान्य रूप से चांद और पृथ्वी के बीच की दूरी हर महीने 3,57,000 किमी से 4,06,000 किमी के बीच रहती है। ऐसा उसकी अंडाकार कक्षा के कारण होता है। इस साल तीन सुपरमून : 2016 में तीन सुपरमून की घटना होनी हैं। इनमें पहली 16 अक्टूबर को हुई थी। उस दिन चांद पृथ्वी के 3,57,859 किमी पास आ गया था। अब 14 नवंबर को दूसरी घटना होगा। अंतिम घटना 14 दिसंबर को होगी।
Courtesy:jagran.com
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