Thursday, 14 July 2016

अभी तैयार नहीं रियो, नहीं हुआ कोई इंतजाम, कैसे होगा ओलंपिक?– IBN Khabar


नई दिल्ली। दुनिया के सबसे बड़े खेल महोत्सव यानी ओलंपिक खेलों का आयोजन इस बार ब्राजील में हो रहा है। ओपनिंग सेरेमनी में 25 दिन से भी कम का वक्त बचा है, लेकिन रियो ओलंपिक के लिए तैयारियां अभी तक पूरी नहीं हैं। कहीं स्टेडियम तैयार है, तो वहां कुर्सियां नहीं लग पाई हैं। जहां खिलाड़ियों के रहने का इंतजाम है, वहां सभी सुविधाएं नहीं जुट पाई हैं। साफ-सफाई, ट्रैफिक और सुरक्षा इंतजाम जैसे तमाम मुद्दे हैं, जिनको लेकर खेल से जुड़े लोग परेशान हैं। 5 से 21 अगस्त तक चलने वाले खेलों के दौरान ब्राजील में पांच लाख से अधिक सैलानियों के उमड़ने की उम्मीद है। सरकार और प्रशासन भरोसा दिला रहे हैं कि ब्राजील ओलंपिक खेलों के लिए पूरी तरह तैयार है। ओलंपिक खेलों के लिए बकायदा ऑफिशियल वीडियो जारी किया गया है, जिसमें रियो डी जेनेरियो समेत ब्राजील के दूसरे शहरों के खूबसूरत लोकेशन दिखाई दे रहे हैं।

हालांकि हकीकत ये है कि आधी-अधूरी तैयारियों के बीच ब्राजील में ओलंपिक खेल शुरू होने जा रहे हैं। रियो में जगह-जगह कूड़े का अंबार अब भी दिख जाता है। कई स्टेडियम अभी भी पूरी तरह तैयार नहीं हैं, उन्हें तैयार करने के लिए दिन-रात काम चल रहा है। साफ-सफाई का भी बुरा हाल दिख रहा है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यहां आने वाले सैलानियों और खिलाड़ियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। हफ्ते भर पहले रियो के मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 100 से अधिक अधिकारियों ने आगमन कक्ष में 'नर्क में आपका स्वागत है' लिखे बैनर लेकर विरोध प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने कहा कि हम यहां नागरिकों और दुनिया भर से आने वाले सैलानियों को ब्राजील की हकीकत बताने आए हैं। उन्हें और हमें मूर्ख बनाया गया है।

वहीं रियो के पेड्रो एर्नेस्टो यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के हार्ट सर्जरी वॉर्ड में एक समय में सामान्यतया 12 मरीजों का इलाज चलता है लेकिन यहां फंड की कमी है और तकरीबन एक तिहाई स्टाफ हड़ताल पर है। लोगों को इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। अस्पताल के स्टाफ की शिकायत है कि उन्हें वक्त पर वेतन नहीं मिल रहा। यह अस्पताल रियो के  आर्थिक संकट को दिखा रहा है। ब्राजील अपने इतिहास की सबसे गहरी मंदी से जूझ रहा है। इन हालातों को और भी बदतर बनाने के लिए अंतराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में हुई जबरदस्त गिरावट ने उसकी तेल से होने वाली आमदनी को भी बुरी तरह गिराया है। ऐसे दौर में ओलंपिक को दी जा रही प्राथमिकता से लोगों में नाराजगी है। लोग कह रहे हैं कि रियो को गलत मौके पर ओलंपिक की मेजबानी का मौका मिला है।

राज्य सरकार अधिकारियों ने आर्थिक आपातकाल की घोषणा कर दी है और केंद्र सरकार पर दबाव बनाया है कि वो रियो को 2.9 अरब रियाल यानि 90 करोड़ डॉलर की मदद दे। हालांकि ये तय नहीं है कि इस राशि का इस्तेमाल सरकार अपने कर्मचारियों के बाकी वेतन के भुगतान में करेगी या फिर आधी-अधूरी तैयारियों को पूरा करने में खर्च करेगी। कहा जा रहा है कि खेलों के दौरान सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। शहर की परिवहन व्यवस्था और ट्रैफिक जाम ने लोगों का सिरदर्द बढ़ा दिया है। इसके अलावा जिका वाइरस, बढ़ते अपराध और राजनीतिक अस्थिरता भी चिंता का विषय है।  ब्राजील में पिछले साल ज़ीका वायरस फैलने के बाद से अब तक लगभग 1300 बच्चों में इसके लक्षण दिख चुके हैं। जीका का डर इस साल होने वाले रियो ओलंपिक पर भी दिखाई दे रहा है, कई खिलाडी मैदान छोड़कर पहले ही भाग चुके हैं। वायरस के डर से कई खिलाडियों ने अपना नाम वापस ले लिया है।

लेकिन इन तमाम खामियों के बावजूद रियो प्रशासन को यकीन है कि ओलंपिक खेलों का आयोजन बिना किसी मुश्किल के होगा। यही वजह है कि प्रशासन ने मीडिया को रियो के ओलिंपिक गेम्स विलेज का दौरा करने का मौका दिया। प्रशासन के मुताबिक ओलिंपिक विलेज में करीब 11,000 एथलीट और 6000 कोचों के रहने का इंतजाम किया गया है। प्रशासन का कहना है कि खेलों के दौरान यहां रहने वालों को जीका वायरस से डरने की ज़रूरत नहीं है। रियो गेम्स के आयोजकों ने इसे 'शहर के अंदर शहर' का नाम दिया है, जहां खिलाड़ी और कोच के रहने की हर ज़रूरतों का ख़याल रखा गया है। ओलिंपिक पार्क के पास बारा दा तिजुका के वेस्टर्न सबर्ब में 8लाख 70 वर्गमीटर में फ़ैले इस गेम्स विलेज को एथलीटों का डिज़्नीलैंड भी कहा जा रहा है। इस गेम्स विलेज में 31 सत्रहमाला बिल्डिंग हैं। इनमें जिम, कैफ़ेटेरिया, पोस्ट ऑफ़िस, फ़र्स्ट एड सेंटर से लेकर बैंक जैसी सुविधाएं मुहैया करवाई गई हैं। इन सबके बावजूद आयोजकों को यह भी अनुमान है कि दुनिया के कई सुपरस्टार खिलाड़ी गेम्स विलेज में नहीं बल्कि शहर में अपार्टमेंट लेकर रहेंगे।

प्रशासन के मुताबिक गेम्स विलेज में सुरक्षा इंतज़ामों पर खास जोर दिया गया है। गेम्स विलेज की सुरक्षा के लिए 85,000 पुलिस और सैनिकों को ज़िम्मेदारी दी गई है। लंदन में ओलिंपिक खेलों की सुरक्षा के लिए इसकी आधी संख्या में ही सुरक्षाकर्मी नियुक्त किए गए थे।

Courtesy: hike.in

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