Wednesday, 20 July 2016

ढाबे पर काम करने वाले ने किया मुंबई में चल रहे किडनी रैकेट का पर्दाफाश

आबिद शेख सुंदर सिंह के किडनी रैकेट के एक बड़े गुर्गे से मिला जिसने उसे बताया कि ये रैकेट हीरानंदानी अस्पातल से जुड़ा हुआ है।

मुंबई। पिछले हफ्ते मुंबई के मशहूर हीरानंदानी अस्पताल में किडनी रैकेट का पर्दाफाश करने वाला शख्स सामने आ गया है और आपको जानकर ये हैरानी होगी कि ये शख्स एक ढाबे पर काम करता है और टेंपो में सोता है।

किडनी रैकेट का पर्दाफाश करने वाले 28 साल के आबिद शेख को फिलहाल सुरक्षा कारणों से अज्ञात जगह पर रखा गया है लेकिन उसने 'मिड डे अखबार' को दिए इंटरव्यू में बताया है कि कैसे उसने हीरानंदानी अस्पताल में चल रहे किडनी रैकेट का पर्दाफाश किया।

आबिद शेख के मुताबिक सुंदर सिंह नाम एक व्यक्ति जो उसके साथ उसी ढाबे पर काम करता था उसने तीन महीने पहले अपनी एक किडनी बेच दी। किडनी के बदले उसे पांच लाख रूपये देने का वादा किया गया था मगर उसे सिर्फ 1 लाख 2 हजार रूपये ही दिए गए। सुंदर सिंह ने जब उसे किडनी डील करने वाले बिसन सिंह से संपर्क किया तो उसने ये कहते हुए मामले को टाल दिया कि किडनी लेने वाले ने दी उसके साथ धोखा किया और उसे कम पैसे दिए। इसके बाद बिसन सिंह ने सुंदर सिंह से इस रैकेट में शामिल होने के लिए कहा और इसके बदले हर महीने 10 हजार रूपये देने का वादा किया। इसके बदले सुंदर सिंह को किडनी बेचने के लिए लोगों को प्रेरित करना था।

साल 2007 में पुलिस ने रैकेट का पर्दाफाश किया और बिसन को गिरफ्तार कर लिया। करीब साल भर पहले शेख को पता चला कि बिसन बेल पर बाहर आ गया है और फिर से किडनी के रैकेट को शुरू कर रहा है। शेख ने बिसन पर नजर रखनी शुरू कर दी।

इसी बीच आबिद शेख सुंदर सिंह के किडनी रैकेट के एक बड़े गुर्गे से मिला जिसने उसे बताया कि ये रैकेट हीरानंदानी अस्पातल से जुड़ा हुआ है। हालांकि हीरानंदानी अस्पतालन ने अपने उपर लगे आरोपों से इनकार किया है।

Courtesy: jagran. Com

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