जिस गति का भारतीय रेलवे पहला सपना देख रही थी, वह शिखर छू लिया। मथुरा-पलवल के बीच टैल्गो अधिकतम 180 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली। 84 किमी का सफर टैल्गो ने 39 मिनट में पूरा किया।
मथुरा(जेएनएन)। भारतीय रेलवे के इतिहास में गुरुवार को स्वर्णिम दिन था। जिस गति का भारतीय रेलवे पहला सपना देख रही थी, वह शिखर छू लिया। मथुरा-पलवल के बीच टैल्गो अधिकतम 180 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ी, तो अधिकारियों के चेहरे पर भी मुस्कान दौड़ गई। 84 किमी का सफर टैल्गो ने 39 मिनट में पूरा किया, जबकि खाली ट्रेन ने यह दूरी 38 मिनट में तय की थी।
टैल्गो ट्रेन का ट्रायल मथुरा-पलवल सेक्शन में नौ जुलाई से शुरू हुआ था। खाली ट्रेन का 180 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रायल सफल होने के बाद वजन रखकर ट्रायल शुरू किया गया था। ट्रेन में पचास-पचास किलो वजन के करीब 380 बोरे डमी यात्रियों के रूप में रखे गए थे। बुधवार तक 160 किमी प्रति घंटा तक के सफल ट्रायल किए जा चुके थे। गुरुवार को 170 किमी और 180 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार के ट्रायल किए गए। पहला ट्रायल 170 किमी की रफ्तार से मथुरा-पलवल के बीच किया गया।
ट्रेन सुबह 10.18 बजे रवाना हुई और पलवल 11 बजे पहुंच गई। दूसरा महत्वपूर्ण ट्रायल 180 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से किया गया। ट्रेन दोपहर 12.55 बजे रवाना होकर पलवल दोपहर 1.34 बजे पहुंच गई। वजन रखकर ट्रायल यह देखने के लिए किए गए कि यात्री होने पर ट्रेन के संचालन में कोई दिक्कत तो नहीं आएगी। इन सफल ट्रायल के बाद दिल्ली-मुंबई के बीच टैल्गो का ट्रायल होने की उम्मीद बढ़ गई है। शुक्रवार को ट्रेन के आगरा जाने की उम्मीद है, ताकि वहां उसका निरीक्षण कर तकनीकी कमियों को दूर किया जा सके।
Courtesy: jagran. Com
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