Friday, 22 July 2016

पॉपुलर गेम ‘पोकेमॉन गो’ को दुनिया के कई देशों ने बताया खतरा

पोकेमॉन गो जहां इतना लोकप्रिय हुआ वहीं दुनिया के कई देशों ने इसे खतरा बताया है, सऊदी अरब ने तो इसपर फतवा तक जारी कर दिया वहीं रूसी वेबसाइटों ने इसे सीआइए प्‍लॉट बता रही है।

न्यूयार्क। पोकेमॉन गो, काफी लोकप्रिय रियलिटी स्मार्टफोन गेम इस हफ्ते 26 और देशों में पहुंच गया। पॉपुलर होने वाले इस गेम में दुनिया के कई देशों को खतरा दिख रहा है और उन्होंने चिंता व्यक्त की है।

सऊदी अरब में धर्मगुरुओं ने पोकेमॉन के खिलाफ 15 वर्ष पुराने फतवा को फिर से शुरू करते हुए इसे गैर इस्लामी बताया है। बोस्निया ने प्लेयर्स को गेम में क्रियेचर्स को लैंडमाइंस पर पीछा करने से बचने की चेतावनी दी है। मिस्र के कम्युनिकेशन अधिकारियों ने कहा कि गेम पर रोक लगाना चाहिए क्योंकि सिक्योरिटी साइट्स के वीडियोज या फोटोज शेयरिंग से खतरा उत्पन्न हो सकता है।

रूसी अधिकारियों ने भी इसी तरह की चेतावनी दी है कि यदि पोकेमॉन को नहीं रोका गया तो यह गलत प्रभाव डालेगा। जब यूजर गेम को डाउनलोड करते हैं तो एप की ओर से बताया जाता है, ‘पोकेमॉन पृथ्वी के प्रत्येक कोने में मिल सकते हैं।‘ और यही मुश्किल पैदा कर रहा है। रूसी वेबसाइट पर छपे आलेख में इस गेम को CIA प्लॉट बताया गया है, जबकि धार्मिक संस्थानों की ओर से इसकी निंदा की गयी है।



कोसैक नेताओं ने स्थानीय मीडिया से कहा,’इसमें से शैतानी की गंध आती है।‘ क्रेमलिन के प्रेस सेक्रेटरी ने यूजर्स को चेतावनी दी कि पोकेमोन को देखते हुए पकड़े जाने पर कैद की सजा हो सकती है। कुवैत ने सरकारी साइटों पर इस एप के उपयोग पर रोक लगा दी और अधिकारियों को चेतावनी दिया कि इससे यूजर्स का व्यक्तिगत डाटा खतरे में पड़ सकता है या फिर क्रिमिनल्स के द्वारा उपयोग किया जा सकता है।

इंडोनेशियाई अधिकारियों ने भी इसे देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया है और कहा कि इससे दुश्मन सैन्य क्षेत्रों में घुसपैठ कर सकते हैं और गोपनीय सूचनाओं की चोरी कर सकते हैं। इजरायली अधिकारियों ने सैनिकों को उनके बेस पर इसका उपयोग न करने की चेतावनी दी है, उनके अनुसार सैनिकों के लोकेशन के बारे में जानकारी चुरायी जा सकती है।

दक्षिण कोरिया की सरकार ने पहले ही सुरक्षा कारणों के चलते गूगल मैप्स पर रोक लगाया हुआ था इसलिए पोकेमॉन गो तो कभी काम कर ही नहीं सकता क्योंकि यह अपने मैप का उपयोग करता है। लेकिन यह एप उत्तरी कोरियाई सीमा के निकट एक छोटे से शहर में काम कर रहा है।

इस एप में जियोलोकेशन फीचर्स का उपयोग होता है और फोन का कैमरा भी एनेबल हो जाता है। यूजर्स गूगल अकाउंट में साइन करता है। 6 जुलाई को रिलीज होने के बाद इस गेम को पूरी दुनिया में कई लाख यूजर्स मिले हैं।

कुछ नेता इस मामले को भी गले लगा रहे हैं। इजरायल के राष्ट्रपति रयूवेन रिवलिन ने फेसबुक पर अपने ऑफिस में पोकेमॉन की फोटो पोस्ट कर कैप्शन में लिखा है, ‘कोई सिक्योरिटी को बुलाओ।‘

Courtesy: jagran. Com

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