Tuesday, 26 July 2016

पर्दे पर खुलेगा नेताजी का रहस्य, फिल्म में उजागर होंगे गुमनामी बाबा के पहलू

यह फिल्म फैजाबाद के गुमनामी बाबा पर आधारित है जिनके बारे में कहा जाता है कि वह ही सुभाष चंद्र बोस थे।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। भारत की स्वतंत्रता के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी गई गुप्त फाइलें सार्वजनिक की गई। पर उनके निधन या फिर लापता होने पर पड़ा पर्दा नहीं हटा। अब इस रहस्य की परतों को पर्दे यानी फिल्म के जरिये खोलने की कोशिश हो रही है। हालांकि यह फिल्म फैजाबाद के गुमनामी बाबा पर आधारित है जिनके बारे में कहा जाता है कि वह ही सुभाष चंद्र बोस थे।

नेताजी पर आधारित कोई भी फिल्म 18 अगस्त, 1945 को हुए ताइहोकू विमान हादसे से आगे की कहानी को बयां नहीं कर पाई है। माना जाता है कि इस विमान हादसे में नेताजी की मौत हो गई थी। वहीं फिल्मकार अमलान कुसुम घोष का कहना है कि उनकी नेताजी पर आधारित फिल्म 'संन्यासी देशोनायक क्वेस्ट फॉर ट्रूथ एंड जस्टिस' नेताजी के फैजाबाद के बाबा के रूप में लौट आने की संभावनाओं को स्पर्श करेगी। उनका यह भी कहना है कि वह बोस के लापता होने के रहस्य का कोई निष्कर्ष पेश करने नहीं जा रहे।

गुमनामी बाबा एक संभावना हो सकते हैं। घोष ने बताया कि गुमनामी बाबा बांग्ला के अलावा बहुत अच्छी उर्दू, रूसी, हिंदी और अंग्रेजी भी बोल लेते थे और बड़ी संख्या में उनके अनुयायी भी थे। इस विषय पर काम करना बतौर बंगाली मेरी जिम्मेदारी है। अब तक जो फिल्में बनी हैं, उनमें केवल 1945 तक की ही कहानी है। मुझे आश्चर्य होता है कि द फॉरगटन हीरो के निर्देशक श्याम बेनेगल समेत किसी भी निर्देशक ने नेताजी के विमान हादसे में जीवित बचने की संभावना को क्यों नहीं छुआ। घोष की फिल्म में विक्टर बनर्जी गुमनामी बाबा की भूमिका में हैं। शाश्वत चटर्जी भी आजाद हिंद फौज के दिग्गज के रूप में दिखेंगे।

Courtesy: jagran. Com

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