मंहगाई पर काबू करने के लिए केंद्र सरकार जल्द ही चीनी मिलों पर चीनी स्टाक सीमा लागू कर सकती है।
नई दिल्ली (जेएनएन)। महंगाई से आजिज सरकार ने चीनी जैसी संवेदनशील जिंस के मूल्य पर काबू पाने के लिए जल्दी ही कुछ कठोर फैसले ले सकती है। सरकार की अपील को नजरअंदाज करना चीनी उद्योग पर भारी पड़ सकता है। चीनी वितरण व्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार खत्म हो चुकी कोटा प्रणाली को एक बार फिर लागू करने पर विचार कर रही है।
चीनी का पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद कीमतों में तेजी का रुख है, जिसे देखते हुए सरकार सख्त कदम उठा सकती है। पिछले एक सप्ताह से खाद्य मंत्रालय के अधिकारी राज्य सरकारों से संपर्क कर रहे हैं, ताकि चीनी की जमाखोरी करने वालों पर शिकंजा कसा जा सके। मिल मालिकों से बाजार में अधिक से अधिक चीनी जारी करने की अपील की गई है। लेकिन व्यवस्था में कोई संतोषजनक सुधार नहीं हो रहा है।
सूत्रों के मुताबिक सरकार एक बार फिर चीनी मिलों पर चीनी वितरण व्यवस्था यानी कोटा रिलीज आर्डर फिर से लागू किया जा सकता है। मिल मालिकों के दबाव में सरकार ने इस व्यवस्था को बहुत पहले ही खत्म कर दिया है। लेकिन कीमतों पर काबू पाने के लिए सरकार इसे पुन: बहाल कर सकती है। खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चीनी मिलों पर स्टॉक सीमा जैसे प्रावधान भी लागू किये जा सकते हैं। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
अधिकारी ने बताया कि मिल मालिकों से लगातार संपर्क कर उन्हें स्टाक के बारे में जानकारी मांगी जा रही है, लेकिन कोई पुख्ता जवाब नहीं मिल पा रहा है। गन्ना उत्पादक राज्यों के उच्चाधिकारियों से खाद्य सचिव ने गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग में विस्तार से बातचीत की है। इसके बाद ही चीनी मिलों पर शिकंजा कसने के बारे में विचार शुरु किया गया है। चीनी की खपत वाले राज्यों से भी सरकार लगातार संपर्क में है।
Courtesy: jagran. Com
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