भारतीय रेल अब ट्रेनों में खानपान की व्यवस्था में बड़ा सुधार करने जा रही है। नई कैटरिंग नीति के तहत यात्रियों को वेलकम ड्रिंक व ब्रांडेड भोजन दिए जाएंगे।
पटना [जेएनएन]। रेलवे कंफर्म सीट उपलब्ध कराए या न कराए, लेकिन खाने की क्वालिटी से समझौता करने के मूड में नहीं है। यात्रियों की सुविधा के लिए अब नई कैटरिंग नीति लागू करने का निर्णय लिया गया है। ट्रेन में पैंट्रीकार द्वारा घटिया भोजन परोसे जाने की मिलने वाली शिकायतों को देखते हुए रेल मंत्रालय अब यात्रियों को वेलकम ड्रिंक व ब्रांडेड भोजन उपलब्ध कराने जा रहा है।
क्षेत्रीय स्तर पर मेन्यू की व्यवस्था
नई नीति के तहत मेन्यू को चार भागों में बांटा गया है। देश के चारों कोने पूर्व, पश्चिम, उत्तर एवं दक्षिण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग भोजन की व्यवस्था की जाएगी। हर क्षेत्र में ट्रेनों के लिए अलग-अलग क्षेत्रीय स्तर पर ही मेन्यू की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया है।
भाजन के पहले वेलकम ड्रिंक
नई नीति के तहत राजधानी एवं शताब्दी एक्सप्रेस समेत अन्य प्रमुख ट्रेनों के वातानुकूलित कोच में यात्रियों को भोजन के पहले वेलकम ड्रिंक सर्व करने का निर्देश दिया गया है। इसके थोड़ी देर बाद भोजन में उन्हें ब्रांडेड कंपनी का डिब्बाबंद भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
मधुमेह रोगियों कों सुगर-फ्री भोजन
देश में मधुमेह के रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने भी उनके लिए विशेष व्यवस्था करने का निर्णय लिया है। रेल मंत्रालय की ओर से सभी प्रमुख ट्रेनों के वातानुकूलित श्रेणियों में यात्रा करने वाले मधुमेह इतना ही नहीं, बीमार यात्रियों के लिए सुगर-फ्री पैक्ड भोजन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
जाेनल स्तर पर दी गई जिम्मेदारी
रेल मंत्रालय ने सभी जोनल मुख्यालयों को भोजन की क्वालिटी एवं ब्रांड का निर्धारण अपने स्तर पर करने को कहा है। सभी जोन के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (कैटरिंग) को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
Courtesy: jagran. Com
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