नई दिल्ली : एसी खरीदते समय सबसे ज्यादा ध्यान इस बात का रखा जाता है कि एसी में कितने स्टार का स्टिकर लगा है. 5 स्टार वाले एसी को सबसे अच्छा और बिजली बचाने वाला बताया जाता है. लेकिन, सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट यानी सीएसई ने दावा किया है कि 5 स्टार एसी के नाम पर धोखा हो रहा है. 5 स्टार का एसी गर्मी में वन स्टार एसी की तरह काम करता है. बिजली बचाता नहीं बल्कि 28 फीसदी ज्यादा खर्च करता है.
एसी खरीदते समय आपने भी एसी पर लगे स्टिकर पर गौर किया होगा. एसी पर लगे स्टार के स्टिकर में से जितने स्टार रंगे होते है वही एसी की स्टार रेटिंग होती है. मतलब जितने स्टार ज्यादा होंगे बिजली की बजत उतनी ज्यादा होगी. लेकिन क्या ये स्टिकर सिर्फ आपको गुमराह करने के लिए और एसी को ज्यादा कीमत पर बेचने के लिए तो नहीं लगाए जाते?
सीएसई की रिपोर्ट के मुताबिक 5 स्टार एसी से बिजली बजत का दावा दरअसल एक धोखा है. बिजली की बचत तो नहीं ही होती है, उल्टे बिजली ज्यादा खर्च होती है. पैसे ज्यादा खर्च होते हैं.
सीएसई की रिपोर्ट के मुताबिक गर्मी में पारा जैसे ही 40 डिग्री होता है आपका 5 स्टार एसी ठीक वैसे ही काम करने लगता है जैसे कोई 2 स्टार एसी. पारा 45 डिग्री हो तो आपका 5 स्टार एसी वन स्टार एसी बन जाता है. यानी ज्यादा बिजली खाने लगता है. ज्यादा बिजली खाता है मतलब आपके बिजली का बिल बढ़ाता है.
सीएसई की रिपोर्ट के अनुसार, 5 स्टार एसी खरीदने में ज्यादा पैसे लगते हैं. 5 स्टार एसी ज्यादा गर्मी में कम ठंडक देता है. कम ठंडक देने के साथ-साथ ज्यादा बिजली खाकर आपका का बिल बढ़ाता है.
स्टार रेटिंग देने का काम ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफ्फीसिएंसी करती है. 5 स्टार एसी 20-22 फीसदी बिजली बचाने का दावा करता है. लेकिन हकीकत में ज्यादा गर्मी हो तो 28 फीसदी तक ज्यादा बिजली खर्च करता है. कमरे को ठंडा करने की क्षमता 30 फीसदी कम हो जाती है. 1.5 टन वाला एसी 1 टन वाले एसी की तरह काम करता है.
सीएसई ने वोल्टास, एलजी और गोदरेज के तीन मॉडल्स को लेकर 5 स्टार एसी पर रिपोर्ट तैयार की है. बाजार में 50 फीसदी एसी इन्हीं तीन कंपनियों के बिकते हैं. सीएसई के दावे के बाद कंपनियों की जिम्मेदारी बनती है कि वो अपने ग्राहकों को संतुष्ट करके साबित करे कि 5 स्टार एसी, 5 स्टार ही होता है, न कि वन स्टार.
Courtesy: abplive. In
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