सांसद आदर्श ग्राम योजना के दूसरे चरण में 18 कैबिनेट मंत्रियों ने किसी भी गांव को गोद नहीं लिया है।
नई दिल्ली, प्रेट्र : सांसद आदर्श ग्राम योजना को लेकर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कैबिनेट सहयोगी ही उदासीन हैं। इस योजना के तहत हर सांसद को एक-एक गांव गोद लेकर उसका विकास करना है। लेकिन इस योजना के दूसरे चरण में 18 कैबिनेट मंत्रियों ने किसी गांव को गोद नहीं लिया है।
प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी ने अपने पहले स्वाधीनता दिवस संबोधन में इस योजना की घोषणा की थी। अब यह योजना अपने दूसरे चरण में है। गांवों को गोद लेने की आखिरी तारीख इस साल 31 जनवरी थी।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री के अलावा सिर्फ आठ कैबिनेट मंत्रियों ने गांवों का चयन किया है। इनमें सुषमा स्वराज, रामविलास पासवान, जेपी नड्डा, अशोक गजपति राजू, बीरेंद्र सिंह, थावर चंद गहलोत, स्मृति ईरानी और प्रकाश जावड़ेकर शामिल हैं।
मंत्रालय के अनुसार, योजना के पहले चरण के तहत कुल 701 सांसदों ने गांवों को गोद लेकर उनका विकास किया था। लेकिन दूसरे चरण के प्रति जनप्रतिनिधियों की उदासीनता साफ नजर आ रही है। इस बार सिर्फ 102 सांसदों ने गांवों का चयन किया है। लोकसभा के 543 और राज्यसभा के 252 सांसदों को 2019 तक तीन-तीन गांवों का विकास करना है।
Courtesy: jagran. Com
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