16 साल की इस युवती ने जब अपने घरवालों से घर में शौचालय बनाने की मांग की तो उन्होंने युवती की मांग को आर्थिक हालातों का हवाला देकर टाल दिया।
बेंगलूरु। देश में शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए आज भी लोग खुले में शौच करने जाते हैं और इन लोगों में सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और युवतियों को होती है। लेकिन इस सब परेशानियों के बावजूद देश के कई हिस्सों में लोग घरों में शौचालय बनवाने के प्रति उदासीन रवैया अपनाए हुए हैं। ऐसे में 16 साल की एक युवती ने अपने ही घर में शौचालय के लिए एक ऐसी मुहीम शुरू कर दी जिसके लिए वो कई लोगों के लिए मिसाल बन गई है।
कर्नाटक के दूरदराज के गांव में रहने वाली 16 साल की इस युवती ने जब अपने घरवालों से घर में शौचालय बनाने की मांग की तो उन्होंने युवती की मांग को आर्थिक हालातों का हवाला देकर टाल दिया। घरवालों के फैसले के खिलाफ युवती ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। जिला पंचायत के सीईओ तक बात पहुंची तो उन्होंने युवती को एक हफ्ते के भीतर उसके घर में शौचालय बनवाने का वादा किया, तब कहीं जाकर युवती ने भूख हड़ताल खत्म की।
कोप्पल से 60 किलोमीटर दूर दानापुर गांव की रहने वाली मल्लम्मा के मुताबिक उसे शौच के लिए घर से बाहर जाना पड़ता था और वो इससे परेशान हो चुकी थी। मल्लम्मा के मुताबिक उसकी सभी सहेलियों ने अपने परिवार से कहकर घर में ही शौचालय बनवा लिया था लेकिन उसकी मां घर में शौचालय बनवाने को लेकर राजी नहीं थी। जब बात नहीं बनी तो मल्लम्मा ने सत्याग्रह का रास्ता चुना और उसने घर में ही भूख हड़ताल शुरू कर दी।
Courtesy: jagran. Com
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