तुर्की में सरकार ने तख्तापलट की कोशिश को नाकाम करते हुए एक बार फिर से देश पर नियंत्रण पा लिया है। इसकी घोषणा खुद राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने की है।
अंकारा (रॉयटर)। तुर्की में तख्तापलट के कोहराम के बीच राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने स्थिति पर काबू पा लेने की घोषणा करते हुए कहा हैै कि देश की सत्ता का नियंत्रण एक बार फिर से उनके पास में है। उनका कहना है कि तख्तापलट की कोशिशों को नाकाम कर दिया गया है। उन्होंने साफ कहा कि इसके षड़यंत्रकारियों को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि लोग आज की रात इस तख्तापलट को नाकाम करने की खुशी में सड़कों पर उतरें। तख्तापलट की कोशिश नाकाम होने की खबर के बाद राष्ट्रपति के समर्थकों नेे सड़ को पर उतरकर सरकार के समर्थन में नारेबाजी भी की और जश्न मनाया।
गौरतलब है कि तुर्की में सेना के कुछ असंतुष्ट गुटों ने शुक्रवार देर रात बम धमाके, हवाई हमले और गोलीबारी करते हुए देश में मार्शल लॉ लगने और सत्ता सेना के हाथाें में आने की घोषणा की थी। इसके साथ ही कहा गया था कि सेना ने सरकार का तख्तापलट कर नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया है। इस दौरान हुई हिंसा में करीब 194 लोगों की मौत होने की खबर है। सरकार ने करीब तीन हजार विद्रोहियों को गिरफ्तार भी किया है।
चुकानी होगी भारी कीमतः एर्दोगान
इसके जवाब में राष्ट्रपति एर्दोगन ने कहा था कि जो लोग भी इसमें शामिल हैं उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। हालांकि इस संकट के लिए राष्ट्रपति को ही जिम्मेदार बताते हुए इसकी आलोचना भी की जा रही है। उनकी आलोचना करने वालों का कहना है कि राष्ट्रपति ने विपक्ष के साथ मीडिया को भी दबा कर रखा हुआ है। उनका रवैया तानाशाह जैसा ही है।
तुर्की आर्मी के नवनियुक्त कार्यवाहक आर्मी चीफ जनरल उमित दुंदार ने कहा कि 190 से ज्यादा लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। मरने वालों में 41 पुलिस ऑफिसर, 47 नागरिक और 104 तख्तापलट की रणनीति तैयार करने वाले हैं। उन्होंंने कहा कि देश भर से 1,500 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। करीब 200 निहत्थे सैनिकों ने तुर्क सैन्य मुख्यालय में समर्पण करा दिया है।
ग्रीस से भागेे आठ सैन्यकर्मियों को तुर्की ने वापस मांगा
तुर्की के विदेश मंत्री ने ग्रीस के एलेक्जेंडरोपोलिस पहुंचे आठ सैन्यकर्मियों को ग्रीस से वापस मांगा है। उन्होंने कहा है कि यह सभी इस तख्तापलट में शामिल थे और मौका पाकर हेलीकॉप्टर से ग्रीस भाग गए। ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टर में सवार यह सभी सैन्यवर्दी में थे। उनका दावा है कि शुक्रवार देर रात हुई तख्तापलट की नाकाम कोशिश के यही सूत्रधार हैं। उन्होंने यह भी दावा किया है कि उनकी मांग पर ग्रीस ने सकारात्मक रवैया अपनाया है।
-शुक्रवार रात को सेना की टुकडि़यां और टैंक तुर्की के दूसरे सबसे बड़े शहर इस्तांबुल के मुख्य एयरपोर्ट के बाहर देखे गए। शहर के उस ब्रिज को सैन्य ट्रकों ने बाधित किया जो एशिया और यूरोप की तरफ खुलता है।-एक सैनिक को राहगीरों से कहते सुना गया-'यह तख्तापलट है। घर लौट जाओ।' तब सड़कों पर अफरातफरी मच गई। लोग रेस्त्रां और दुकानें बंद करके भागने लगे।-तुर्की की सेना ने सरकारी मीडिया के जरिए बयान जारी कर देश में तख्तापलट का एलान किया।-राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने सेना के एक धड़े के तख्तापलट के प्रयास की पुष्टि की।- तुर्की के निर्वाचित राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन के नजदीकी सूत्र ने कहा, तख्तापलट का प्रयास विफल होगा और सरकार कायम है।- राष्ट्रपति एर्दोगन तुर्की टीवी चैनल के स्टूडियो पहुंचे। एर्दोगन ने तुर्की के नागरिकों का आह्वान कर कहा कि वह सड़कों पर रैली निकाल इस तख्तापलट का जवाब दें। एर्दोगन ने कहा, 'तुर्की के लोग चौराहों और हवाई अड्डों पर जमा हों। कोई भी ताकत जनता की ताकत से बड़ी नहीं है। न्यायपालिका भी इस हमले का जवाब देगी।'- शनिवार को राष्ट्रपति ने तख्तापलट की कोशिश को नाकाम करने की जानकारी दी।
Courtesy: jagran. Com
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