Sunday, 3 July 2016

डायबिटीज़ को बाय-बाय… न इंसुलिन की सुई न खून जांचने का झंझट

विज्ञान ने ऐसा आर्टिफिशियल पैन्क्रियाज़ (अग्नाशय) तैयार किया है जो डायबिटीज़ का सामना कर रहे लोगों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं हैं। दो साल के अंदर आर्टिफिशियल पैन्क्रियाज़ आपके सामने होगा।


आर्टिफिशियल पैन्क्रियाज़ से दूर भगाइये डायबिटीज़

वैज्ञानिकों ने स्मार्टफोन के साइज का आर्टिफिशियल पैन्क्रियाज़ तैयार किया है। ये आपके शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा का पता लगाकर उसी हिसाब से इंसुलिन शरीर में पहुंचा देगा।

बात सुनने में हैरान करने वाली लग सकती है लेकिन वैज्ञानिकों की इस खोज को डायबिटीज़ के नजरिए से बेहद क्रांतिकारी माना जा रहा है। आर्टिफिशियल पैन्क्रियाज़ लगाने के बाद आप बार बार अपने शरीर में सुई घोंपकर ब्लड टेस्ट करने और इंसुलिन इंजेक्शन लेने से बच जाएंगे।

यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्बिज़ के वैज्ञानिकों का दावा है कि उनकी खोज टाइप-1 डायबिटीज झेलने वाले लोगों के लिए वरदान होगी। आर्टिफिशियल पैन्क्रियाज़ को आप आसानी के साथ इस्तेमाल कर पाएंगे। आपकी त्वचा से इसका सीधा कनेक्शन रहेगा और शरीर की जरूरत के अनुसार ये इंसुलिन निकालेगा।

ग्राफिक्स डेली मेल से साभार

फिलहाल लोग डायबिटीज से बचने के लिए दिनभर में 4-5 बार तक इंसुलिन का इंजेक्शन लेते हैं और अपनी उंगलियों में सुई लगातार ब्लड शुगर जांचते हैं। उनके खानपान, रहन सहन और व्यायाम को देखते हुए शरीर में रोजाना ब्लड शुगर की मात्रा ऊपर नीचे होती रहती है। सेहत के नजरिए से इसे खतरनाक माना जाता है।

इस नए पैंक्रियाज के आने से लोगों को न सिर्फ सुई के दर्द से आजादी मिलेगी बल्कि स्वत: शरीर में इंसुलिन की मात्रा नियंत्रित रहेगी। वैज्ञानिकों का दावा है कि आर्टिफिशियल पैन्क्रियाज़ न केवल टाइप-1 बल्कि सीवियर टाइप-2 डायबिटीज़ को भी नियंत्रित करेगा।

इस आर्टिफिशियल पैन्क्रियाज़ को तैयार करने वाली टीम का कहना है कि बहुत जल्दी ये लोगों के बीच होगा। 2017 तक अमेरिका और 2018 तक ये यूरोप पहुंच जाएगा। दुनिया के दूसरे देशों में भी इसकी उपलब्धता जल्दी ही तय हो जाएगी।

आपको बता दे कि दुनियाभर में तकरीबन 40 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। अकेले भारत में 4 करोड़ लोगों को ये खतरनाक बीमारी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानि डब्ल्यूएचओ का अनुमान है कि 2030 तक भारत में ये संख्या दोगुनी हो जाएगी।

Courtesy: puriduniya.com

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