Sunday, 3 July 2016

ढाका हमले से हिल उठी बांग्लादेश की गारमेंट इंडस्ट्री

चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गारमेंट निर्यातक है बांग्लादेश।

ढाका, रायटर : बांग्लादेश में 26 अरब डॉलर की गारमेंट इंडस्ट्री के कुछ कर्ताधर्ताओं ने पश्चिमी फैशन खुदरा कारोबारियों से समझौते की समीक्षा करने को कहा है। दुनिया के दूसरे सबसे बड़े गारमेंट निर्यातक देश की राजधानी ढाका के एक रेस्टोरेंट में शुक्रवार की रात आइएस आतंकवादियों के हमले से गारमेंट इंडस्ट्री बुरी तरह हिल उठी है।

दुनिया के गरीब मुल्कों में से एक बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था गारमेंट पर टिकी है। देश के निर्यात में करीब 80 फीसदी इसीका हिस्सा है और यह करीब 40 लाख लोगों को रोजगार मुहैया करा रहा है। यूरोप और अमेरिका जैसे विकसित बाजारों में कपड़ा निर्यात के मामले में इस देश का स्थान चीन के बाद आता है।

अनंत गारमेंट्स के प्रबंध निदेशक शाहिदुल हक मुकुल ने कहा, 'इस तरह की घटना का हमारे ऊपर असर पड़ना तय है। अमेरिका और चीन जैसी जगहों से हमारे निर्यातक सुरक्षा चिंता के कारण यहां आने से कतराएंगे।' बांग्लादेश गारमेंट उत्पादक एवं निर्यातक संघ के अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दिकुर रहमान ने कहा, 'बांग्लादेश में ऐसी डरावनी घटना नहीं घटी थी। यह हमारी छवि पर एक जोरदार तमाचा है। यह हमारे कारोबार पर दबाव डालेगा, मगर हम इस घड़ी कुछ नहीं बता सकते।'इस उद्योग को तीन साल पहले की एक बड़ी त्रासदी से उबरने के लिए संघर्ष करना पड़ा था।

एक फैक्ट्री का भवन ढह जाने से 1100 लोग मारे गए थे। इस घटना के बाद सुरक्षा जांच शुरू हुई जिसमें कई फैक्ट्री बंद कर दी गई। निर्यात घाटा के साथ ही बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो गए थे।गारमेंट इंडस्ट्री को हाल की हिंसा की घटनाओं का भी हल्का प्रभाव झेलना पड़ा। हाल के दिनों में उदार, समलैंगिक, विदेशी और अल्पसंख्यक आइएस व अल कायदा की हिंसा के शिकार हुए।

अक्टूबर से जनवरी के दौरान इसका निर्यात एक वर्ष पहले के मुकाबले 14 फीसदी अधिक रहा था। लेकिन शुक्रवार को हुआ हमला विदेशियों के लिए दिल दहला देने वाले खतरे की घंटी जैसा है। आतंकवादियों ने एक भवन को निशाना बनाया जहां दो भोजनालय स्थित हैं। हमले वाली जगह विदेशियों की पसंदीदा जगह थी। वहां मौजूद इटली के कुछ गारमेंट उद्यमी भी आतंकवादियों के हाथों मारे गए।

Courtesy: jagran. Com

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