हैदराबाद। विदेश मंत्रालय केन्द्र सरकार के अधीन आता है। लेकिन भारत के सबसे नए राज्य तेलंगाना में अपना अलग विदेश मंत्रालय होगा। ये मंत्रालय देश के बाहर रहने वाले तेलंगाना के लोगों के मद्देनज़र बनाया जा रहा है।
सीएम केसीआर के बेटे होंगे तेलंगाना के विदेश मंत्री

सीएम केसीआर के बेटे के तारक रामाराव होंगे तेलंगाना के पहले विदेश मंत्री
तेलंगाना को जल्दी ही विदेश मंत्रालय मिल जाएगा। राज्य की मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने ये फैसला कर लिया है कि जल्दी ही राज्य में अलग विदेश मंत्रालय बने।
मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के बेटे के. तारक रामाराव तेलंगाना में बनने वाले विदेश मंत्रालय के पहले मंत्री होंगे। तेलंगाना में अप्रवासी भारतीयों के लिए अपनी खुद की एनआरआई पॉलिसी भी है।
विदेश मंत्रालय की मांग काफी समय से
भुवनगिरि से तेलंगाना राष्ट्र समिति के सांसद बूरा नरसैया गौड़ के कहना है कि तेलंगाना में इस तरह के मंत्रालय की मांग काफी समय हो रही है।
उनका कहना है कि दुनियाभर में तेलंगाना के काफी लोग रहते हैं। इन्हीं की जरूरत को ध्यान में रखते हुए राज्य में विदेश मंत्रालय बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ये मंत्रालय राज्य में अप्रवासी भारतीयों के निवेश का रास्ते भी खोलेगा।
उन्होंने कहा कि देश में तेलंगाना का माहौल विनिवेश के लिए काफी बेहतर है और हमारा औद्योगिक बाजार भी सर्वश्रेष्ठ है।
केरल और पंजाब में पहले से है ऐसे मंत्रालय
आपको जानकर हैरानी होगी तेलंगाना इस तरह का मंत्रालय बनाने वाला पहला राज्य नहीं है।
तेलंगाना से केरल में इसी तरह मंत्रालय 1996 में बनाया जा चुका है। केरल में इस मंत्रालय को NORKA नाम दिया गया है जो अप्रवासी केरल के लोगों के लिए काम करता है।
इसके अलावा पंजाब में भी इसी तरह की एनआरआई मंत्रालय है।
ऐसा माना जा रहा है कि नए बने राज्य तेलंगाना में भी केरल और पंजाब की तरह एनआरआई पॉलिसी तैयार की गई है। इसी नीति के तहत अब राज्य को जल्दी है नया विदेश मंत्रालय मिल जाएगा।
Courtesy: puriduniya. Com
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