उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री लक्ष्मीकांत उर्फ़ पप्पू निषाद की जमानत आज संतकबीरनगर सीजेएम कोर्ट ने खारिज कर दी और उन्हें चौदह दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
संतकबीरनगर (जेएनएन)। संतकबीर नगर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजय कुमार गौड़ ने आज परिवाद के एक मामले में वारंट पर चल रहे खाद्य व रसद राज्य मंत्री लक्ष्मी कांत उर्फ पप्पू निषाद को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
खाद्य व रसद राज्य मंत्री लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद ने आज कोर्ट में अपनी जमानत याचिका दाखिल करते हुए न्यायालय से निवेदन किया था कि शासन के कार्यों में व्यस्तता के चलते भूलवश मामले में वारंट हो गया है, लेकिन कोर्ट ने कोई संज्ञान नहीं लिया और मामले की सुनवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया। उनके खिलाफ 25 जून को गैर जमानती वारंट जारी हुआ था।
उल्लेखनीय है कि बखिरा थानाक्षेत्र की बेलहर कला निवासिनी चांदमती पत्नी रामउजागिर ने वर्ष 2006 में कोर्ट में परिवाद दाखिल कर कहा था कि प्रधानपति लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद (तत्कालीन जिला पंचायत सदस्य) रिहायशी भूमि विवाद में छह जुलाई 2006 को अपने साथ सात अन्य लोगों को लेकर घर पर चढ़ आये और मारने पीटने लगे। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई। इस मामले में कोर्ट ने उन्हें हाजिर होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए कहा था। वह कोर्ट में हाजिर नहीं हुए।
न्यायिक हिरासत में भेजे जाने पर खाद्य एवं रसद राज्य मंत्री लक्ष्मीकांत निषाद उर्फ पप्पू ने कहा कि न्यायालय का फैसला मान्य है। फिलहाल उन्होंने इस्तीफे के बारे में कुछ नहीं कहा है।
Courtesy: jagran. Com
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