Monday, 4 July 2016

बंदा सिंह की 300वीं पुण्यतिथि पर कार्यक्रम में शिरकत करेंगे PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महान सपूत बाबा बंदा सिंह बहादुर की 300 वीं पुण्यतिथि के सिलसिले में आज यहां दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होंगे ।

नई दिल्ली (जेएनएन)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब के महान सपूत बाबा बंदा सिंह बहादुर की 300 वीं पुण्यतिथि के सिलसिले में आज यहां दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होंगे।

27 अक्टूबर 1670 को जन्मे बन्दा सिंह की स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में श्री मोदी गुरुगोविंद सिंह के इस शिष्य पर एक पुस्तक और स्मारिका का भी विमोचन करेंगे। कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी होंगे।

बाबा बंदा सिंह बहादुर का जन्म कश्मीर स्थित पुंछ जिले के राजौरी क्षेत्र में 1670 ई. तदनुसार विक्रम संवत् 1727, कार्तिक शुक्ल 13 को हुआ था। वह राजपूतों के भारद्वाज गोत्र से सम्बद्ध था और उसका वास्तविक नाम लक्ष्मणदेव था।

15 वर्ष की उम्र में वह जानकीप्रसाद नाम के एक बैरागी का शिष्य हो गया और उसका नाम माधोदास पड़ा। तदन्तर उसने एक अन्य बाबा रामदास बैरागी का शिष्यत्व ग्रहण किया और कुछ समय तक पंचवटी (नासिक) में रहा। वहां एक औघड़नाथ से योग की शिक्षा प्राप्त कर वह पूर्व की ओर दक्षिण के नान्देड क्षेत्र को चला गया, जहां गोदावरी के तट पर उसने एक आश्रम की स्थापना की।

बंदा सिंह ने अपने राज्य के एक बड़े भाग पर फिर से अधिकार कर लिया और इसे उत्तर-पूर्व तथा पहाड़ी क्षेत्रों की ओर लाहौर और अमृतसर की सीमा तक विस्तृत किया। 1715 ई. के प्रारंभ में बादशाह फर्रुखसियर की शाही फौज ने अब्दुल समद खां के नेतृत्व में उसे गुरुदासपुर जिले के धारीवाल क्षेत्र के निकट गुरुदास नंगल गांव में कई मास तक घेरे रखा।

खाद्य सामग्री के अभाव के कारण उसने 7 दिसंबर को आत्मसमर्पण कर दिया। फरवरी 1716 को 794 सिखों के साथ वह दिल्ली लाया गया, जहां 5 मार्च से 13 मार्च तक प्रति दिन 100 की संख्या में सिखों को फांसी दी गई। 16 जून को बादशाह फर्रुखसियर के आदेश से बंदा सिंह तथा उसके मुख्य सैन्य-अधिकारियों के शरीर काटकर टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए।

Courtesy:jagran. Com

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