भोपाल। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों पर दाखिले को लेकर गांधी मेडिकल कॉलेज में चल रही कांउसिलिंग में शुक्रवार रात जमकर बवाल हुआ। सीटों की बंदरबाट का आरोप लगाते हुए नाराज परिजन ने न केवल चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक से झूमाझटकी, बल्कि उन्हें अन्य अधिकारियों के साथ बंधक भी बना लिया। हालांकि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। इधर, बार-बार सर्वर डाउन होने से नाराज जीएमसी प्रबंधन ने एमपी ऑनलाइन के खिलाफ एफआईआर दर्ज भी करा दी। विवाद रात 10 बजे तब शुरू हुआ जब सीटों की अंतिम सूची जारी किए बिना काउंसिलिंग को खत्म होने की अफवाह उड़ी।
तब उम्मीदवारों के परिजन ने आरोप लगाया कि बिना सीटों की जानकारी दिए काउंसिलिंग कैसे खत्म की जा सकती है? जब वे सीटों की सूची की मांग रहे थे तो पुलिस ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। पुलिस के इस रवैये से वे भड़क गए। परिजन पहले पुलिस से उलझ गए। फिर वे गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन के कक्ष में पहुंचे जहां विभाग के संचालक डॉ. जीएस पटेल, डीन उल्का श्रीवास्तव अन्य अधिकारी मौजूद थे। परिजन ने उन पर सीटों में खेलÓ करने आरोप लगाया और उनसे झूमाझटकी करने लगे। बाद में उन्हें अन्य अधिकारियों के साथ कमरे में बंद कर दिया।
देर रात तक ऑफलाइन हुई काउंसिलिंग देर रात तक अंतिम सूची अपलोड नहीं होने के पीछे कॉलेज प्रबंधन एमपी ऑनलाइन को दोषी बता रहा है। डीएमई डॉ. जीएस पटेल का कहना है कि शाम चार बजे से एमपी ऑनलाइन का सर्वर ठप पड़ा हुआ है। इसके चलते हम अंतिम सूची अपलोड नहीं कर पा रहे। आधी रात को सूची ऑनलाइन नहीं हुई तो अधिकारियों ने परिजन ने बात कर काउंसिलिंग को ऑफलाइन ही पूरा किया।
Courtesy : patrika. Com
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