Saturday, 3 September 2016

साइबर क्राइम में यूपी-महाराष्ट्र आगे, जानें 2015 के ये आंकड़े     अगर आपको लगता है साइवर क्रिमिनल्स केवल वे लोग होते हैं जो हैकर्स हैं या साइबर इंटरनेट से जुड़े अपराध करते हैं। आपको पता है इस श्रेणी में और भी कई तरह के अपराधी आते हैं। जी हां, नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के मुताबिक जो लोग ज्यादा धार्मिक होते हैं या जो लोग सेक्स जैसे अपराधों से जुड़े रहते हैं, वे लोग भी साइवर क्रिमिनल्स होते हैं। आंकड़ों के मुताबिक साल में इस श्रेणी के अपराधियों की सूची में उन लोगों का नाम ज्यादा है जो धार्मिक रूप से काफी अटल हैं, जो लोग व्यापारिक शत्रु हैं या आपके अपने ही रिश्तेदार हैं। ज्यादातर अपराधी पीडितों के जानने वाले होते हैं या उनके पड़ोसी। एसे अपराधियों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। साल 2015 के आंकड़े साइवर क्राइम के अंतर्गत डेटा चोरी, अश्लील फिल्मों की तस्वीर, ऑनलाइन किसी का अकाउंट हैक करना, पैसों का गलत ट्रांजेक्शन ये सारे अपराध आते हैं। आपको बता दें कि साल 2015 में 11592 मामलों में 8 हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें 20 फीसदी अपराधी व्यापारिक शत्रू हैं, 15 फीसदी पड़ोसी हैं, दोस्त या संबंधी हैं। अपराधियों में छात्र भी शामिल हैं। इनमें से अधिकतर अपराधी धार्मिक रूप से सक्षम हैं, जिन्हें पिछले साल गिरफ्तार किया गया है। आइए हम आपको आंकड़े बताते हैं, कौन से राज्य से कितनी गिरफ्तारियां हुईं हैं।  एकमात्र यूपी से 79 मामले, महाराष्ट्र से 30 फीसदी मामलों में 42 की गिरफ्तारी हुई है। यूपी और महाराष्ट्र में साइबर क्राइम से जुड़ी अपराधी या तो राजनेता हैं या कोई बड़ा बिजनेसमैन। बिहार में भी साइबर अपराधियों की सूची लंबी है, लेकिन यहां संबंधी ही मामलों से जुड़े रहते हैं। बिहार में 80 फीसदी मामलों में 1,278 की गिरफ्तारियां हुई हैं। यूपी, महाराष्ट्र और असम में 289, 169 और 173 गिरफ्तारियां हुई हैं। 318 से ज्यादा छात्र साइबर क्राइम में गिरफ्तार होते हैं।  दिल्ली में साइबर क्राइम अपराध के मामले कम हैं। पिछले साल 177 केस दर्ज हुए हैं। दिल्ली पुलिस ने 53 लोगों को गिरफ्तार किया है। सबसे ज्यादा अगर कहीं साइबर क्राइम मामलों में गिरफ्तारियां हुई हैं तो यूपी और महाराष्ट्र में। यूपी में 2208 और महाराष्ट्र में 2195 मामले दर्ज हुए हैं।

साइबर क्राइम में यूपी-महाराष्ट्र आगे, जानें 2015 के ये आंकड़े

  

अगर आपको लगता है साइवर क्रिमिनल्स केवल वे लोग होते हैं जो हैकर्स हैं या साइबर इंटरनेट से जुड़े अपराध करते हैं। आपको पता है इस श्रेणी में और भी कई तरह के अपराधी आते हैं। जी हां, नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के मुताबिक जो लोग ज्यादा धार्मिक होते हैं या जो लोग सेक्स जैसे अपराधों से जुड़े रहते हैं, वे लोग भी साइवर क्रिमिनल्स होते हैं।

आंकड़ों के मुताबिक साल में इस श्रेणी के अपराधियों की सूची में उन लोगों का नाम ज्यादा है जो धार्मिक रूप से काफी अटल हैं, जो लोग व्यापारिक शत्रु हैं या आपके अपने ही रिश्तेदार हैं। ज्यादातर अपराधी पीडितों के जानने वाले होते हैं या उनके पड़ोसी। एसे अपराधियों की संख्या बढ़ती ही जा रही है।

साल 2015 के आंकड़े

साइवर क्राइम के अंतर्गत डेटा चोरी, अश्लील फिल्मों की तस्वीर, ऑनलाइन किसी का अकाउंट हैक करना, पैसों का गलत ट्रांजेक्शन ये सारे अपराध आते हैं। आपको बता दें कि साल 2015 में 11592 मामलों में 8 हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें 20 फीसदी अपराधी व्यापारिक शत्रू हैं, 15 फीसदी पड़ोसी हैं, दोस्त या संबंधी हैं। अपराधियों में छात्र भी शामिल हैं। इनमें से अधिकतर अपराधी धार्मिक रूप से सक्षम हैं, जिन्हें पिछले साल गिरफ्तार किया गया है।

आइए हम आपको आंकड़े बताते हैं, कौन से राज्य से कितनी गिरफ्तारियां हुईं हैं। 

एकमात्र यूपी से 79 मामले, महाराष्ट्र से 30 फीसदी मामलों में 42 की गिरफ्तारी हुई है। यूपी और महाराष्ट्र में साइबर क्राइम से जुड़ी अपराधी या तो राजनेता हैं या कोई बड़ा बिजनेसमैन। बिहार में भी साइबर अपराधियों की सूची लंबी है, लेकिन यहां संबंधी ही मामलों से जुड़े रहते हैं। बिहार में 80 फीसदी मामलों में 1,278 की गिरफ्तारियां हुई हैं। यूपी, महाराष्ट्र और असम में 289, 169 और 173 गिरफ्तारियां हुई हैं। 318 से ज्यादा छात्र साइबर क्राइम में गिरफ्तार होते हैं। 

दिल्ली में साइबर क्राइम अपराध के मामले कम हैं। पिछले साल 177 केस दर्ज हुए हैं। दिल्ली पुलिस ने 53 लोगों को गिरफ्तार किया है। सबसे ज्यादा अगर कहीं साइबर क्राइम मामलों में गिरफ्तारियां हुई हैं तो यूपी और महाराष्ट्र में। यूपी में 2208 और महाराष्ट्र में 2195 मामले दर्ज हुए हैं।

Courtesy:livehindusthan. Com

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