नई दिल्ली। लेबर यूनियंस के कड़े विरोध के बावजूद श्रम मंत्रालय ने ईटीएफ में ईपीएफओ के निवेश की सीमा दोगुनी कर दी है। इससे इस वित्त वर्ष शेयर बाजार में इस रिटायरमेंट फंड से करीब 13000 करोड़ रुपए आने की उम्मीद है।
वर्ष 20156-16 में यह सीमा पांच प्रतिशत थी। श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा - हमने ईपीएफओ की निवेश योग्य जमा का 10 प्रतिशत तक ईटीएफ में निवेश करने की सीमा के बारे में पहले ही अधिसूचना जारी कर दी है।
ईपीएफओ ने चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में ईटीएफ में 1500 करोड़ रुपए का निवेश किया है। बाकी छह महीने में वह 11500 करोड़ रुपए का और निवेश ईटीएफ में करेगा। दत्तात्रेय ने ईपीएफओ न्यास की मंजूरी पर कहा कि इस मुद्दे पर केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की बैठक में दो बार विचार विमर्श हो चुका है। कुछ सदस्यों को ईटीएफ में निवेश पर आपत्ति थी। सरकार बोर्ड से ऊपर है।
दत्तात्रेय ने कहा - हमें इस 10 प्रतिशत करने का फैसला अच्छी आर्थिक स्थिति, जमीनी स्थिति और कैसे वैश्विक स्तर पर सामाजिक सुरक्षा कोष का निवेश किया जाता है, को देख कर किया है। हम श्रमिकों के धन के संरक्षक हैं और यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम देखें कि कैसे उन्हें अच्छा रिटर्न मिल सकता है।
Courtesy : patrika. Com
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