उल्लेखनीय है कि जीएसटी को लागू करने के लिए केंद्र सरकार ने अप्रैल, 2017 की समयसीमा तय की है। इसके लागू होने के बाद से उपभोक्ता सामग्री सस्ती हो जाएंगी।
पणजी, प्रेट्र/आइएएनएस । गोवा वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के संशोधन विधेयक, 2016 को पारित करने वाला 15वां राज्य बन गया है। इसके साथ ही इस बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने का रास्ता साफ हो गया है। इसके बाद यह बिल जीएसटी काउंसिल के पास जाएगा।
गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने बुधवार को बताया कि गोवा विधानसभा ने एक दिन के विशेष सत्र में इस बेहद महत्वपूर्ण बिल को सर्वसम्मति से पास किया गया। अब गोवा 29 राज्यों में से इसे पास करने वाला 15वां राज्य बन गया है। लिहाजा अब 50 फीसद राज्यों से इस विधेयक को मंजूरी की आवश्यकता पूरी हो गई है। इसके बाद इसे राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा जा सकेगा।
बिल पारित करने से पहले दो घंटे चली चर्चा के दौरान विपक्षी दल के विधायकों ने राज्य को राजस्व का नुकसान होने के प्रति आगाह किया। विशेषरूप से तब जबकि गोवा सेवा क्षेत्र वाला राज्य है और यहां कोई भी उत्पादन नहीं होता है। इसके जवाब में मुख्यमंत्री पारसेकर ने कहा कि राज्य को इससे फायदा होगा क्योंकि सेवाएं सस्ती होने से गोवा में अधिक पर्यटक आएंगे। उन्होंने कहा कि गोवा को हर साल एक हजार करोड़ रुपये का मुनाफा होगा। कारोबारी प्रक्रिया में आसानी होने से व्यापार बढ़ेगा और विकास दर में भी सुधार होगा। केंद्रीय करों में भी हमारी हिस्सेदारी बढ़ेगी। हमें सेवा कर और अन्य केंद्रीय करों का 50 फीसद हिस्सा मिलेगा। इसके अलावा राज्य के पास पेट्रोलियम उत्पादों, मदिरा, वाहन कर और स्टांप ड्यूटी आदि का राजस्व रहेगा। चूंकि इन सभी को जीएसटी से अलग रखा गया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी कारणवश जीएसटी को लागू करने की प्रक्रिया में कोई नुकसान हुआ भी तो राजस्व के उस नुकसान की भरपाई पांच साल तक केंद्र ही करेगा। मुख्यमंत्री ने इसे क्रांतिकारी बिल बताते हुए कहा कि बहुत लोगों को लगता था कि राज्यसभा में बहुमत न होने के कारण उच्च सदन में जीएसटी को पारित नहीं कराया जा सकेगा। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह बाधा भी पार कर ली। उन्होंने जीएसटी बिल को पारित करने में सभी विपक्षी दलों को भी धन्यवाद दिया।
इससे पहले विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह राणे ने कहा कि जीएसटी गोवा जैसे राज्यों के लिए लाभकारी है। चूंकि यहां उपभोग और पर्यटन सर्वाधिक है। वहीं, निर्दलीय रोहन खुंटे ने कहा कि हमारी केंद्र पर निर्भरता बढ़ेगी। इसलिए गोवा के मामले में जीएसटी के खर्च-लाभ के विश्लेषण पर श्वेत पत्र लाया जाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि जीएसटी को लागू करने के लिए केंद्र सरकार ने अप्रैल, 2017 की समयसीमा तय की है। इसके लागू होने के बाद से उपभोक्ता सामग्री सस्ती हो जाएंगी। चूंकि एक्साइज ड्यूटी और वैट हटने से कीमतों में 25-26 फीसद की कमी आएगी।
Courtesy: jagran. Com
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