Saturday, 16 July 2016

हिन्दुस्तानी सरहद की ओर बढ़ रही पाक सेना, नीयत पर शंका, भारत हुआ सचेत!– IBN Khabar

नई दिल्ली। ब्लैक फ्राइडे, यानि वो दिन जब आतंक की कालिख दुनिया के कई हिस्सों पर एक साथ बरसी। जी हां, आज का दिन यानि शुक्रवार याद किया जाएगा एक आतंकवादी नरसंहार के लिए, एक गहरी साजिश के लिए और छल के लिए। सबसे पहले आईबीएन 7 की एक्सक्लूसिव खबर। खबर ये कि हमारी सरहद के करीब पाकिस्तान अपनी फौज बढ़ा रहा है। सरहद के करीब 5 हजार से 7 हजार पाकिस्तानी फौजी बढ़ चुके हैं, पिछले 15 जून से ये सिलसिला खामोशी से लगातार जारी है। कश्मीर में पाकिस्तान की हरकतों के मद्देनजर फौज की इस तैनाती को भारत बेहद गंभीरता से ले रहा है। सवाल ये है कि आखिर पाकिस्तान की नीयत क्या है।

POK  को हिंदुस्तानी जुबान में कहा जाए तो  गुलाम कश्मीर, गुलाम इसलिए क्योंकि ये वैसे तो सगा भाई है कश्मीर का लेकिन गुलाम है पाकिस्तान का, यहां हुकूमत है पाकिस्तान की  लेकिन पाकिस्तान हमेशा से ही इसके साथ सौतेला बर्ताव करता रहा है। यहां न नौकरियां हैं, न अच्छी शिक्षा, न सरकारी सुविधाएं  और इससे आजिज जनता यहां पाकिस्तान से मांगती है आजादी। इसी POK  को रौंदने जा रहे हैं पाकिस्तानी फौजी । जी हां, नेटवर्क 18 को एक्सक्लूसिव जानकारी मिली है कि 15 जून से ही पाकिस्तान ने POK में फौजियों की तादाद बढ़ानी शुरू कर दी है।

भारत के लिए ये चिंता की बात है  भारत के लिए ये एक बड़ा अलर्ट है  क्योंकि POK गढ़ है आतंकवादी गुटों का, घुसपैठियों का और भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादियों का। पाकिस्तानी फौज की स्ट्रैटजिक फोर्सेज कमांड ने POK को फौजियों से पाट देने का फैसला अमल में लाना शुरू कर दिया है। पता चला है कि पाकिस्तानी फौज ने कम से कम 7 बटालियनों को 15 जून से ही POK भेजना शुरू कर दिया है।  7 बटालियन का सीधा मतलब है 5 हजार से 7000 फौजी। सूत्रों का कहना है कि भारतीय फौज ने सैटेलाइट की उतारी गई POK  की तस्वीरें भी हासिल कर ली हैं।

उन तस्वीरों से भी ये साफ हो रहा है कि पाकिस्तानी फौजियों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। आखिर पाकिस्तान भारतीय सरहद से लगे POK में अचानक फौज की तैनाती क्यों बढ़ा रहा है। क्या इसे भारत के लिए खतरे की घंटी समझा जाए? बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के इस खामोश कदम के पीछे दरअसल दो वजहें हैं।

पहली वजह, POK में 21 जुलाई से चुनाव होने जा रहे हैं। पाकिस्तानी हुकूमत को डर है कि इस पूरे इलाके में चुनाव के दौरान राजनीतिक हिंसा उफान पर पहुंच सकती है। दूसरी वजह, पाकिस्तानी हुक्मरानों को ये डर सता रहा है कि कहीं POK के इलाके में सरकारी बदइंतजामी से खफा लोग पाकिस्तान से आजादी की अपनी पुरानी मांग को नए सिरे से उठाना ना शुरू कर दें।

वैसे भी POK के इलाकों में आजादी की मांग को कुचलने के लिए पाकिस्तानी फौज बदनाम रही है। पाकिस्तान से आजादी मांगने वाले कई गुट वहां सक्रिय हैं और उनके हर आंदोलन को पाकिस्तान पूरी सख्ती और बेरहमी से कुचलता रहा है। कहा ये भी जा रहा है कि POK में और फौजी भेजने का पाकिस्तानी फैसला सिर्फ दिखावा है। असली कारण दरअसल भारत में घुसपैठ के लिए बेचैन आतंकवादियों का हौसला बढ़ाना, मदद करना और कवर देना है।

कहा जा रहा है कि कश्मीर में अशांति का पाकिस्तान हर मुमकिन फायदा उठाने की फिराक में है। साफ है POK में फौज की तादाद बढ़ाना पाकिस्तान का दोहरा चेहरा भी दिखाता है, एक ओर वो कश्मीर के आतंकवादी और अलगाववादी गुटों को संरक्षण दे रहा है दूसरी ओर वो अपने हिस्से के कश्मीर में उठने वाली हर आवाज दबा रहा है।

पाकिस्तानी फौज भारतीय सरहद पर फौजी बढ़ा रही है तो पाकिस्तानी हुकूमत कश्मीर को लेकर चालबाजियों से बाज नहीं आ रही है। इतना खुलकर किसी आतंकवादी का समर्थन शायद ही पाकिस्तान ने पहले कभी किया हो। बुरहान वानी को जैसे पाकिस्तान ने सोने का अंडा देने वाली मुर्गी बना डाला है  बुरहान वानी की मौत पर कश्मीर को आग लगाने का जैसे ठेका उठा लिया है।

पाकिस्तान की ओर से खुलकर कश्मीर में लगी आग को हवा दी जा रही है  पाकिस्तान के न्यूज चैनलों में इस वक्त भारत के अलगाववादियों को हीरो की तरह पेश किया जा रहा है। आतंकवादी बुरहान वानी को शहीद बताने वाले शरीफ अब 19 जुलाई को पाकिस्तान में ब्लैक डे मनाने का ऐलान कर रहे हैं। इतना ही नहीं शरीफ ने कट्टरपंथियों और आतंकवादी गुटों के दबाव में आकर कश्मीर में मौत पर भारत की शिकायत हेग में अंतरराष्ट्रीय अदालत में करने का भी मन बनाया है।

Courtesy: hike. In

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