प्रिंट मीडिया में एफडीआइ सीमा बढ़ाने की तैयारी में केंद्र सरकार जुटी है। बताया जा रहा है कि निवेश की सीमा 49 फीसद हो सकती है।
नई दिल्ली, प्रेट्र । सरकार समाचार पत्र और पत्रिकाओं में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) की सीमा बढ़ाने पर विचार कर रही है। इसे 26 फीसद से बढ़ाकर 49 फीसद करने की तैयारी है।अभी अखबारों और समाचार व समसामयिक मामलों से जुड़ी सामग्री छापने वाली पत्रिकाओं में सरकारी स्वीकृति के मार्ग से 26 फीसद एफडीआइ की अनुमति है।
सूत्रों ने बताया कि आर्थिक मामलों के विभाग का इन क्षेत्रों में सीमा बढ़ाने का पुराना सुझाव है। उन्होंने औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआइपीपी) से दोबारा प्रस्ताव पर विचार करने को कहा है। हाल ही में सरकार ने करीब आठ सेक्टरों में एफडीआइ के नियमों में ढील दी है। इनमें सिविल एविएशन, डिफेंस, निजी सुरक्षा एजेंसी, फार्मास्यूटिकल्स और फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री शामिल हैं।
यह कदम अधिक विदेशी फंडों को आकर्षित करने के मकसद से उठाया गया था। एफडीआइ के मामले में यह दूसरा प्रमुख सुधार संबंधी कदम था। बीते साल नवंबर में केंद्र सरकार ने विदेशी निवेश की व्यवस्था में काफी नरमी की थी। वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान देश में एफडीआइ में 29 फीसद की बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़कर 40 अरब डॉलर हो गया। वित्त वर्ष 2014-15 में यह आंकड़ा 30.93 अरब डॉलर था।
Courtesy: jagran. Com
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