Wednesday, 3 May 2017

जापान ने भी भेजी वॉरशिप, 72 साल पहले कभी जंग न लड़ने की खाई थी कसम

टोक्यो.नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग ने धमकी दी है कि वो किसी भी पल 6 परमाणु परीक्षण कर सकता है। इसके बाद जापान ने सतर्कता बढ़ा दी है। उसने अपने सबसे बड़े युद्धपोत'इजुमो'को नार्थ कोरिया से लगी समुद्री सीमा पर भेज दिया है। सेकंड वर्ल्ड वॉर(1945)के 72 साल बाद यह पहला मौका है,जब जापान ने अपनी सेना युद्ध के मोर्चे पर उतारी है। सेकंड वर्ल्ड वॉर के बाद जापान ने युद्ध न लड़ने की कसम खाई थी। किन, नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन के अड़ियल रवैये और लगातार परमाणु टेस्ट के चलते जापान को यह फैसला लेना पड़ा। वॉरशिप की खूबियां...

-इसमें हमलावर मिसाइल को पलभर में तबाह करने की क्षमता है।
-400 सैनिक बचाने के लिए इसमें एंटी शिप क्रूज मिसाइल डिस्ट्रायर सिस्टम तकनीक भी है। 
-28 एयरक्राफ्ट के लिए लैंडिंग स्पेस। एक बार में 9 हेलिकॉप्टर लैंड कर सकते हैं। 
-07 एंटी सबमरीन लड़ाकू हेलिकॉप्टर हर समय रहता है पोत पर। इसके अलावा दो सर्च एंड रेस्क्यू। 
-इसकी लंबाई 249 मीटर है,जो दूसरे विश्व युद्ध में जापानी सेना में शामिल युद्धपोत जितना बड़ा है। 
 

मिसाइल लॉन्चिंग की अफवाह से 10 मिनट बंद रही टोक्यो मेट्रो 
-उत्तर कोरिया के एक नाकाम मिसाइल टेस्ट के चलते टोक्यो का एक प्रमुख मेट्रो मार्ग बंद रहा। टोक्यो मेट्रो के अधिकारी हिरोशी ताकिजावा ने कहा कि मेट्रो रूट बंद करने से 13 हजार यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यह पहली बार है,जब किसी मिसाइल परीक्षण के कारण मेट्रो सेवा बंद करना पड़ी। 

जापान में 10 गुना तक बढ़ गई परमाणु रोधी शेल्टर की मांग 
-कई जापानी कंपनियां इस तनाव का भरपूर फायदा उठा रही हैं। वे एंटी न्यूक्लियर रोधी बंकर बना रही हैं। इस शेल्टर की मांग 10%बढ़ गई है। इसमें रोजमर्रा की जरूरत की सभी चीजें हैं। इसमें एक खास तरह का सील करने वाला पदार्थ भी रखा जाता है। ताकि कहीं से कोई रेडियोऐक्टिव गैस लीक हो तो उसे तुरंत सील किया जा सके। 

Source:bhaskar.com

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