Tuesday, 9 May 2017

जस्टिस कर्नन ने CJI समेत सात जजों को सुनाई पांच साल जेल की सजा

कोलकाता, राज्य ब्यूरो। कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस सीएस कर्नन ने सोमवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआइ) जेएस खेहर समेत सुप्रीम कोर्ट के सात जजों को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उन्होंने सीजेआइ और सुप्रीम कोर्ट के छह जजों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम 1989 के तहत दोषी पाए जाने की बात कहते हुए फैसला सुनाया है। उन्होंने सभी जजों को एक-एक लाख रुपये आर्थिक दंड का भुगतान करने का भी आदेश दिया है।

वहीं कर्नन ने खुद के द्वारा दायर सूमोटो मानहानि के मामले में भी सुप्रीम कोर्ट के सातों जजों को 14 करोड़ रुपये भुगतान करने का निर्देश दिया है। जस्टिस कर्नन ने दिल्ली पुलिस को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश समेत सातों जजों को गिरफ्तार कर एक सप्ताह के भीतर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति व जनजाति आयोग के समक्ष हाजिर करने का आदेश दिया है।

उन्होंने भारत सरकार व दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि उक्त जजों की सेवा न ली जाए और उनके पासपोर्ट जमा करा लिए जाएं। अपने राजारहाट न्यूटाउन स्थित आवास पर कोर्ट लगाकर जस्टिस कर्नन ने आव्रजन प्राधिकरण को भी निर्देश दिया है कि उक्त जजों को विदेश जाने के लिए वीजा नहीं दिया जाए।

जस्टिस कर्नन पर सुप्रीम कोर्ट के जजों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाने को लेकर अदालत की अवमानना का आरोप है। शीर्ष अदालत ने कर्नन के खिलाफ 17 मार्च को जमानती वारंट भी जारी किया था। इसके बाद उनके मानसिक स्थित की जांच का भी सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था, लेकिन उन्होंने मेडिकल जांच से इन्कार कर दिया था।

Source:jagran.com

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