सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते दोषी मुकेश, पवन, विनय शर्मा और अक्षय कुमार सिंह की मौत की सजा को बरकरार रखा था. उन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय से 13 मार्च 2014 को मिली मौत की सजा सुनाई थी.
नई दिल्ली: दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 की रात को हुई बलात्कार की बर्बर घटना के दोषी उच्चतम न्यायालय द्वारा उनकी मौत की सजा की पुष्टि करने के बाद से ही अवसाद से जूझ रहे हैं जबकि उनके वकील अदालत में दायर पुनरीक्षा याचिका पर भरोसा जता रहे हैं. उच्चतम न्यायालय ने पिछले हफ्ते दोषी मुकेश, पवन, विनय शर्मा और अक्षय कुमार सिंह की मौत की सजा को बरकरार रखा था. उन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय से 13 मार्च 2014 को मिली मौत की सजा सुनाई थी.
मुकेश के वकील एम एल शर्मा ने कहा, ‘‘मैं उच्चतम न्यायालय में अगले हफ्ते, शायद सोमवार या मंगलवार को पुनरीक्षा याचिका दायर कर रहा हूं.’’ अन्य तीन दोषियों के वकील ए पी सिंह ने कहा कि याचिका दायर करने से पहले वे थोड़ा वक्त लेंगे.
तिहाड़ जेल के अधिकारी चारों दोषियों को काउंसलिंग दे रहे हैं. 16 दिसंबर 2012 की रात दक्षिण दिल्ली में चलती बस में 23 वर्षीय युवती के साथ बलात्कार की बर्बर घटना के बाद जब चारों को गिरफ्तार किया गया था तब से उन्हें तिहाड़ जेल में ही रखा गया है. तिहाड़ के एक सूत्र ने बताया, ‘‘ वे अवसाद में है और उन्हें विशेषज्ञ काउंसलिंग दी जा रही है.’’
Source:zeenews.com
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