लाहौर, प्रेट्र। 26 नवंबर 2008 को मुंबई में 166 लोगों की जान लेने वाले आतंकी हमले की सुनवाई लटकाने का पाकिस्तान हर जतन कर रहा है। उसने मामले की सुनवाई कर रही आतंकरोधी अदालत के जज को बदल दिया है। आठ साल में नौंवी बार इस अदालत का जज बदला गया है। अब मामले की सुनवाई सोहेल कौसर अब्बास जैदी करेंगे। जैदी ने ही दिसंबर 2014 में हमले के मास्टरमाइंड जकी उर रहमान लखवी को जमानत दी थी।
अदालत लखवी सहित सात के खिलाफ सुनवाई कर रही है। जमानत मिलने के बाद से लखवी किसी अज्ञात जगह पर है, जबकि छह अन्य रावलपिंडी के अदियाला जेल में बंद हैं। अदालत के एक अधिकारी ने बताया कि दो साल से मामले की सुनवाई कर रहे जज सोहेल अकरम का तबादला पंजाब न्यायिक सेवा में कर दिया गया है। अधिकारी ने इसे नियमित तबादला बताया। अकरम से पहले जैदी ही इस मामले की सुनवाई कर रहे थे।
2009 में पाकिस्तान में इस मामले की सुनवाई शुरू हुई थी। अकरम और जैदी के अलावा अतीकुर रहमान, शाहिद रफीक, मलिक मुहम्मद अकरम अवान और परवेज अली शाह भी मामले की सुनवाई कर चुके हैं। आतंकरोधी अदालत में उस समय से मामले की कोई सुनवाई नहीं हुई है जब से पाकिस्तान ने बयान दर्ज कराने के लिए 24 गवाहों को भेजने के लिए भारत से कहा है। उल्लेखनीय है कि इन गवाहों का बयान पाकिस्तानी दल पहले ही भारत आकर दर्ज कर चुका है। पाकिस्तान ने पिछले दिनों सुनवाई काफी आगे बढ़ने की बात कहते हुए मामले की दोबारा जांच की भारत की मांग ठुकरा दी थी। 30 जनवरी से नजरबंद जमात-उद-दावा के सरगरना और 26/11 के मुख्य साजिशकर्ता हाफिज सईद के खिलाफ मुकदमा चलाने से भी इन्कार कर दिया था।
Source:jagran.com
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