नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। सुप्रीम कोर्ट के अनुरोध पर क्रिकेट में सट्टेबाजी को कानूनी करने पर विचार कर रहे विधि आयोग ने सट्टा और जुआ को कानूनी बनाने पर आम जनता से राय मांगी है। आयोग ने इस पर 30 दिनों के भीतर अपनी राय भेजने का आग्रह किया है।
आयोग ने सभी संबंधित पक्षकारों और आम जनता से इस पर राय भेजने की अपील करते हुए कहा है कि क्रिकेट में सट्टेबाजी को कानूनी बनाए जाने पर विचार के दौरान उसने पाया कि सट्टे को जुए से अलग नहीं किया जा सकता। ऐसे में अगर सट्टे को कानूनी बनाने पर विचार करते समय जुए को छोड़ दिया गया तो शायद सारी कवायद ही बेकार साबित हो जाए। इसलिए आयोग ने सट्टे के साथ साथ जुए को कानूनी बनाए जाने पर भी विचार करने का निर्णय लिया है।
सट्टे और जुए के खिलाफ कड़े नियम भी इस पर रोक लगाने में कामयाब नहीं हुए। आनलाइन जुआ और सट्टा एक अलग एरिया है जिस पर रोक लगाना बहुत मुश्किल है। माना जाता है कि जुए के इस धंधे में बहुत पैसा शामिल है जो कि समानान्तर इकोनोमी सृजित कर रहा है। कानूनी तौर पर अर्जित आय कालेधन में तब्दील होती है जो कि अन्य देशों में आनलाइन जुए के धंधे में लगती है।
आयोग इस पर रिपोर्ट देने के लिए कुछ समय से मंथन कर रहा है। कुछ संबंधित लोगों से विचार विमर्श भी हुआ है।
क्या सट्टा और जुआ कानूनी करने से देश में चल रही ऐसी गैरकानूनी गतिविधियां रुक जायेंगी।
क्या इस गतिविधि को लाइसेंस देने से सरकार को अच्छा खासा राजस्व प्राप्त होगा और लोगों को रोजगार मिलेगा।
सट्टे और जुए को किस हद तक कानूनी करना सही होगा। भारतीय परिस्थितियों मे सट्टे और जुए को किस हद तक कानूनी करना नैतिक तौर पर सही होगा।
इसका क्या तौर तरीका होना चाहिए जिससे कि लोगों को दिवालिया होने से भी बचाया जा सके।
अगर इसे कानूनी बनाया जाता है तो क्या जुआ और सट्टा चलाने वाली विदेशी कंपनियों को भारत मे प्रवेश दिया जाना चाहिए।
आयोग ने कहा है कि ये कुछ पहलू हैं जिन पर विचार करने की जरूरत है। आयोग ने सट्टा और जुआ कानूनी करने पर लोगों से 30 दिन के भीतर राय मांगी है।
सुप्रीमकोर्ट ने लोधा कमेटी की क्रिकेट मे सट्टेबाजी को कानूनी करने की सिफारिश पर ये मसला विचार के लिए विधि आयोग को भेजा था। जिस पर आयोग कुछ समय से विचार कर रहा था।
Source:jagran.com
No comments:
Post a Comment